Exam Scam Case: भर्ती एजेंसी एप्टेक दो साल के लिए प्रतिबंधित, रिव्यू कमेटी के फैसले तक इन भर्तियों पर रोक
भर्ती एजेंसी मेरिट ट्रैक सर्विसेज लिमिटेड (एप्टेक) अब दो साल तक प्रदेश में किसी तरह की परीक्षा नहीं करवा सकती। सब इंस्पेक्टर और जूनियर इंजीनियर (जेई) की भर्ती पर फिर संकट खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट ने जेकेएसएसबी की ऐसी किसी भी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
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जम्मू-कश्मीर में फाइनेंस अकाउंट असिस्टेंट (एफएए), जूनियर इंजीनियर सिविल (जेईई सिविल) और सब इंस्पेक्टर (एसआई) की ओएमआर आधरित परीक्षा करवाने वाली भर्ती एजेंसी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। भर्ती एजेंसी मेरिट ट्रैक सर्विसेज लिमिटेड (एप्टेक) अब दो साल तक प्रदेश में किसी तरह की परीक्षा नहीं करवा सकती। सीबीआई की ओर जारी जांच में ये एजेंसी दोषी ठहराई जाती है तो इस अवधि को एक साल और बढ़ाया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने छह मार्च 2022 को फाइनेंस अकाउंट असिस्टेंट, 20 मार्च 2022 को जूनियर इंजीनियर सिविल और 27 मार्च 2022 को सब इंस्पेक्टर पुलिस की भर्ती परीक्षा करवाने की जिम्मेवारी मेरिट ट्रैक सार्विसेज को दी थी। परीक्षा में अनियमितता मिलने के बाद सरकार ने इस परीक्षा को रद्द कर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। इस मामले में सीबीआई ने एफआईआर भी दर्ज की है।
एजेंसी निर्धारित शर्तों के तहत संपूर्ण परीक्षा की शत-प्रतिशत गोपनीयता एवं सुरक्षा बनाए रखने में विफल रही। इसके बाद जेकेएसएसबी ने एजेंसी को मई 2023 में कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसका एजेंसी ने 22 मई को जवाब दिया। इसके बाद 26 मई को हुई बोर्ड की 228वीं बैठक में एजेंसी को अनियमितता को दोषी पाया गया। जेकेएसएसबी ने इस मामले को सरकार के समक्ष रखा। जिसके बाद एजेंसी को जम्मू में ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया गया।
रिव्यू कमेटी का फैसला आने तक एसआई, जेई की भर्ती प्रक्रिया पर रोक
सब इंस्पेक्टर और जूनियर इंजीनियर (जेई) की भर्ती पर फिर संकट खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट ने जेकेएसएसबी की ऐसी किसी भी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह दस दिन के भीतर सरकार की रिव्यू कमेटी की सिफारिश का पालन करें। जब तक सरकार कोई फैसला नहीं लेती, तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक रहेगी।
बता दें कि जेकेएसएसबी ने दोनों भर्तियों का जिम्मा एप्टेक कंपनी को दिया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ कुछ उम्मीदवार हाईकोर्ट चले गए थे। इसे लेकर दायर याचिका में कहा गया कि एप्टेक के जरिए भर्ती कराने पर रोक लगाई जाए। साथ ही किसी ऐसी कंपनी को भर्ती का जिम्मा दिया जाए जो पूर्व में ब्लैक लिस्ट न हुई हो। वीरवार को हाईकोर्ट की न्यायाधीश मोक्षा खजूरिया ने याचिका पर सुनवाई की और कहा कि जब यह मांग की गई तो इस पर अमल करने के लिए रिव्यू कमेटी का गठन किया गया था। जब तक रिव्यू कमेटी का फैसला नहीं आता, तब तक भर्ती प्रक्रिया न शुरु हो।
न्यायाधीश ने मुख्य सचिव को आदेश दिया कि वह सरकार की रिव्यू कमेटी के निर्णय के आधार पर फैसला लें। इस फैसले को एसएसबी तक पहुंचाएं और सरकार के फैसले पर सख्ती से अमल करें। बता दें कि डेढ़ साल से सब इंस्पेक्टरों और जेई की भर्तियां विवादाें में फंसी हुई हैं। सरकार ऐसी कंपनियों से भर्तियां करा रही है, जो पूर्व में ब्लैकलिस्ट हैं। अब तक दो बार भर्तियां टाली जा चुकी हैं।