{"_id":"63130629a11c04765b56b00b","slug":"jammu-kashmir-receives-ficci-smart-policing-award","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्मान: जम्मू-कश्मीर को मिला एफआईसीसीआई स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सम्मान: जम्मू-कश्मीर को मिला एफआईसीसीआई स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड
Sat, 03 Sep 2022 01:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sat, 03 Sep 2022 01:15 PM IST
सार
वीसीएस ने बिना किसी अनुवर्ती कार्रवाई के व्यक्तिगत रूप से आवेदन जमा किए बिना कम समय के भीतर सरकारी कर्मचारियों को नो आब्जेक्शन प्रमाणपत्र और सतर्कता मंजूरी जारी करने की प्रक्रिया को बदल दिया है।
विज्ञापन
Jammu Kashmir
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ई-शासित सतर्कता मंजूरी प्रणाली (वीसीएस) की पहल के लिए जम्मू कश्मीर सरकार को फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (एफआईसीसीआई) स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड 2021 के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर में 2200 नामांकनों में से जम्मू कश्मीर को 19 पुरस्कारों में से सम्मान मिला है। यह पुरस्कार शुक्रवार को नई दिल्ली में एफआईसीसीआई फेडरेशन हाउस में जम्मू कश्मीर सरकार की ओर से निदेशक एसीबी आनंद जैन ने हासिल किया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर में स्मार्ट डिजिटल पहल की गई है। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि यह पुरस्कार जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पिछले कुछ समय से जीएडी और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने प्रणाली में परिवर्तन करके पारदर्शिता को बढ़ाया है। वीसीएस ने बिना किसी अनुवर्ती कार्रवाई के व्यक्तिगत रूप से आवेदन जमा किए बिना कम समय के भीतर सरकारी कर्मचारियों को नो आब्जेक्शन प्रमाणपत्र और सतर्कता मंजूरी जारी करने की प्रक्रिया को बदल दिया है। डिजिटल हस्तक्षेप ने बैकलाग के बोझ को कम कर दिया है।
विभाग अपने डीपीसी का संचालन करने, पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए एनओसी जारी करने, अध्ययन पत्र, प्रतिनियुक्ति और विदेश यात्राओं को मंजूरी देने में सक्षम हुआ है। सतर्कता मंजूरी की समय पर उपलब्धता के आधार पर विभागों द्वारा लगभग 7000 पदोन्नति और कर्मचारियों का नियमितीकरण किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर में स्मार्ट डिजिटल पहल की गई है। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि यह पुरस्कार जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पिछले कुछ समय से जीएडी और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने प्रणाली में परिवर्तन करके पारदर्शिता को बढ़ाया है। वीसीएस ने बिना किसी अनुवर्ती कार्रवाई के व्यक्तिगत रूप से आवेदन जमा किए बिना कम समय के भीतर सरकारी कर्मचारियों को नो आब्जेक्शन प्रमाणपत्र और सतर्कता मंजूरी जारी करने की प्रक्रिया को बदल दिया है। डिजिटल हस्तक्षेप ने बैकलाग के बोझ को कम कर दिया है।
विज्ञापन
विभाग अपने डीपीसी का संचालन करने, पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए एनओसी जारी करने, अध्ययन पत्र, प्रतिनियुक्ति और विदेश यात्राओं को मंजूरी देने में सक्षम हुआ है। सतर्कता मंजूरी की समय पर उपलब्धता के आधार पर विभागों द्वारा लगभग 7000 पदोन्नति और कर्मचारियों का नियमितीकरण किया गया है।
विज्ञापन