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जम्मू-कश्मीर: अगले साल एससीआई को शुरू करने की तैयारी, प्रदेश और अन्य राज्यों के कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत

Wed, 27 Oct 2021 01:30 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 27 Oct 2021 01:30 PM IST
सार

रेडियो फ्रिकेंसी सहित अन्य सुविधाओं से अलग से कैंसर दर्द विभाग होगा। इसके साथ जीएमसी के मौजूदा अनकोलाजी विभाग का विस्तार करके आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं।

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Jammu-Kashmir: Preparing to start SCI next year, cancer patients of the state and other states will get relief
सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल जम्मू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगले साल के सितंबर-अक्तूबर माह तक प्रतिष्ठित राज्य कैंसर संस्थान (एससीआई) को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। केंद्र प्रायोजित 120 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस संस्थान के शुरू होने जम्मू-कश्मीर और साथ लगते हिमाचल प्रदेश, पंजाब के कैंसर मरीजों को राहत मिल सकेगी। संस्थान को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने के लिए फास्ट ट्रैक स्तर पर उपकरणों और श्रम शक्ति की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाया जा रहा है। दिसंबर 2021 तक सभी निविदाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

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सितंबर 2019 में तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 100
बिस्तर वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में एससीआई के निर्माण के लिए नींव पत्थर रखा था। इस संस्थान को केंद्रीय प्रायोजित योजना नेशनल प्रोग्राम फार प्रिवेंशन एंड कंट्रोल आफ कैंसर, डायबिटीज, सीवीडी और स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) के तहत निर्मित किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में यह पहला ऐसा संस्थान होगा, जिसमें कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। क्षेत्रीय कैंसर केंद्र जम्मू व नोडल अधिकारी एससीआई प्रो. व एचओडी डॉ आशुतोष गुप्ता ने बताया कि इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 2022 के मध्य तक एससीआई के ढांचे का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
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एससीआई के लिए प्रदेश प्रशासन की ओर से विभिन्न कैडर में 196 पदों की स्वीकृति दी जा चुकी है। इस संस्थान में अत्याधुनिक उपकरणों में लिनर एसललेटर्स आईएमआरटी, आईजीआरटी, एसआरटी सुविधा, पेट स्कैन, ब्रैची थैरेपी, सीटी सिमुलेटर आदि की खरीद की प्रक्रिया को दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। माडुलर और अन्य विशेषताओं के साथ एडवांस आपरेशन थियेटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा अलग से आईसीयू और समर्पित बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट काम करेगा।
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रेडियोडायग्नोसिस विभाग में उचित कैंसर चिकित्सा देखभाल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा एडवांस बायोकेमेस्ट्री आटो एनालाइजर, पैथोलाजी विभाग में एडवांस इम्यून हिस्टियो केमिस्ट्री, ट्यूमर मेकर्स आदि होंगे। रेडियो फ्रिकेंसी सहित अन्य सुविधाओं से अलग से कैंसर दर्द विभाग होगा। इसके साथ जीएमसी के मौजूदा अनकोलाजी विभाग का विस्तार करके आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। वर्ष 2014 में एससीआई का निर्माण करने की कवायद शुरू की गई थी।


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जम्मू संभाग में हर साल दो हजार कैंसर के मामले
जम्मू संभाग के दस जिलों से हर साल करीब 2000 नए कैंसर के मामले मिल रहे हैं, हालांकि इस साल कोविड के कारण अभी तक यह आंकड़ा 1400 (सितंबर 2021 तक) से थोड़ा अधिक है। तंबाकू पदार्थों का सेवन करने से युवाओं में मुंह और गले (थ्रोट) के कैंसर की समस्या बढ़ी है। इसके साथ फेफड़े, फूड पाइप और मेदे का कैंसर सामान्य है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समस्या बढ़ी है। कैंसर के नए मामलों में जिला जम्मू सबसे ऊपर है। इसके बाद कठुआ, राजोरी, उधमपुर, संबा आदि जिले प्रभावित हैं। जीएमसी जम्मू में 2014-2019 तक 10085 कैंसर के मामले पंजीकृत हुए, इसमें 5645 (56 फीसदी) पुरुष और 4440 (44 फीसदी) महिलाएं मरीज हैं।

जीएमसी में साल दर साल पंजीकृत मरीज
वर्ष        मामले    
2015    1864
2016    1964
2017    1858
2018    2335
2019    2098
2020    1727

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