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फरवरी तक पूरी करें परिसीमन प्रक्रिया, ठंड के बाद कराएं चुनाव
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देवसर (कुलगाम)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया फरवरी माह तक पूरी कर सर्दियों के तुरंत बाद विधानसभा चुनाव कराने चाहिए। वह शनिवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के देवसर में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सर्दियों में चुनाव कराना संभव नहीं है। अगले चार महीनों के लिए अगर केंद्र कहता भी तो हम हां नहीं करते। हम सभी ने जून में प्रधानमंत्री के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि पहले राज्य का दर्जा बहाल किया जाए और फिर परिसीमन किया जाए।
आजाद ने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह नहीं है कि कौन मुख्यमंत्री बने, हमारी प्राथमिकता है कि जम्मू-कश्मीर में 4 अगस्त 2019 की स्थिति को कैसे बहाल किया जाए। यह सिर्फ पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और फिर विधानसभा चुनाव कराने से होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए कोई लड़ाई नहीं है। जम्मू में हिंदू, सिख, कश्मीर में मुसलमान और यहां तक कि पंडित भी राज्य का दर्जा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को यह नहीं मानना चाहिए कि केवल कश्मीरी ही राज्य का दर्जा चाहते हैं। हमने सर्वदलीय बैठक में भी कहा है कि भाजपा के नेता भी राज्य का दर्जा चाहते हैं।
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डीजीपी बना थानेदार और मुख्य सचिव हो गया पटवारी
आजाद ने कहा कि राज्य का दर्जा खत्म कर यहां के लोगों को कमजोर किया गया। कहा, किसी केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा मिलता है, लेकिन यहां तो इसके विपरीत हुआ, राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। यह तो वैसे ही हुआ जैसे डीजपी को थानेदार और मुख्य सचिव को पटवारी बना दिया जाए।
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हैदरपोरा मुठभेड़ की जांच वर्तमान जज से कराएं
सुरक्षा बलों द्वारा की गई मुठभेड़ों पर उठाए जा रहे सवालों के बारे में कांग्रेस नेता ने कहा कि सुरक्षा बलों को नागरिक क्षेत्रों में सावधानी बरतनी चाहिए ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। वह मेडल के लिए किसी निर्दोष को गोली का निशाना न बनाएं। हैदरपोरा मामले में सरकार को किसी वर्तमान जज से जांच करवानी चाहिए। सुरक्षाबल जब भी किसी जगह जाते हैं कि जहां आतंकवादी छुपे होते हैं उस घर को भी नही बख्शा जाता। उन घरवालों की क्या गलती है। आतंकी किसी घर में घुस जाएं तो घरवालों का क्या कसूर। अब हर कोई डरता है, कोई बात करता है तो उसे जेल जाना पड़ता है। बेकसूर लोगों के मारे जाने से आतंकवाद बढ़ेगा।
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आतंकवाद प्रभावित इलाकों का दौरा करें नेता
आजाद ने पार्टी के नेताओं से लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए घाटी के आतंकवाद प्रभावित इलाकों का दौरा करने की भी अपील की। कहा-कुलगाम, शोपियां और पुलवामा के तीन जिलों में आतंकवाद है। वे पहले भी उग्रवाद देख चुके हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने, उनका मनोबल बढ़ाने की जरूरत है यहां के लोगों को यह न लगे कि उनका कोई नहीं है। इस इलाके में तीन साल बाद कांग्रेस ने किसी राजनीति कार्यक्रम का आयोजन किया था।
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आजाद ने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह नहीं है कि कौन मुख्यमंत्री बने, हमारी प्राथमिकता है कि जम्मू-कश्मीर में 4 अगस्त 2019 की स्थिति को कैसे बहाल किया जाए। यह सिर्फ पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और फिर विधानसभा चुनाव कराने से होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए कोई लड़ाई नहीं है। जम्मू में हिंदू, सिख, कश्मीर में मुसलमान और यहां तक कि पंडित भी राज्य का दर्जा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को यह नहीं मानना चाहिए कि केवल कश्मीरी ही राज्य का दर्जा चाहते हैं। हमने सर्वदलीय बैठक में भी कहा है कि भाजपा के नेता भी राज्य का दर्जा चाहते हैं।
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डीजीपी बना थानेदार और मुख्य सचिव हो गया पटवारी
आजाद ने कहा कि राज्य का दर्जा खत्म कर यहां के लोगों को कमजोर किया गया। कहा, किसी केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा मिलता है, लेकिन यहां तो इसके विपरीत हुआ, राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। यह तो वैसे ही हुआ जैसे डीजपी को थानेदार और मुख्य सचिव को पटवारी बना दिया जाए।
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हैदरपोरा मुठभेड़ की जांच वर्तमान जज से कराएं
सुरक्षा बलों द्वारा की गई मुठभेड़ों पर उठाए जा रहे सवालों के बारे में कांग्रेस नेता ने कहा कि सुरक्षा बलों को नागरिक क्षेत्रों में सावधानी बरतनी चाहिए ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। वह मेडल के लिए किसी निर्दोष को गोली का निशाना न बनाएं। हैदरपोरा मामले में सरकार को किसी वर्तमान जज से जांच करवानी चाहिए। सुरक्षाबल जब भी किसी जगह जाते हैं कि जहां आतंकवादी छुपे होते हैं उस घर को भी नही बख्शा जाता। उन घरवालों की क्या गलती है। आतंकी किसी घर में घुस जाएं तो घरवालों का क्या कसूर। अब हर कोई डरता है, कोई बात करता है तो उसे जेल जाना पड़ता है। बेकसूर लोगों के मारे जाने से आतंकवाद बढ़ेगा।
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आतंकवाद प्रभावित इलाकों का दौरा करें नेता
आजाद ने पार्टी के नेताओं से लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए घाटी के आतंकवाद प्रभावित इलाकों का दौरा करने की भी अपील की। कहा-कुलगाम, शोपियां और पुलवामा के तीन जिलों में आतंकवाद है। वे पहले भी उग्रवाद देख चुके हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने, उनका मनोबल बढ़ाने की जरूरत है यहां के लोगों को यह न लगे कि उनका कोई नहीं है। इस इलाके में तीन साल बाद कांग्रेस ने किसी राजनीति कार्यक्रम का आयोजन किया था।