जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के ग्राफ में गिरावट, ओजीडब्ल्यू बढ़े, लेह और कारगिल आतंक मुक्त
- जम्मू कश्मीर पुलिस की क्राइम विंग की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
- ओजीडब्ल्यू नेटवर्क की सक्रियता से सुरक्षा ग्रिड की चिंता बढ़ी
- लेह, कारगिल आतंकवाद मुक्त, गांदरबल जिले में कोई सक्रिय आतंकवादी नहीं
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जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2017 से सक्रिय आतंकवादियों की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) की संख्या इसी अवधि में बढ़ी है। ओजीडब्ल्यू की संख्या में बढ़ोतरी राज्य के सुरक्षा ग्रिड के लिए चिंता का विषय है। जम्मू कश्मीर पुलिस के क्राइम विंग ने ये आंकड़े हाल ही में जारी किए हैं।
राज्य में सक्रिय आतंकियों और ओजीडब्लूय नेटवर्क को लेकर पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनगर जिले में सक्रिय आंतकियों की संख्या सिर्फ 11 हैं जबकि ओजीडबल्यू का आंकड़ा 112 पहुंच चुका है। जबकि कुपवाड़ा में 9 सक्रिय आतंकी व 32 ओजीडबल्यू, हंदवाड़ा में 23 सक्रिय आतंकी व 496 ओजीडबल्यू, बारामुला में 3 सक्रिय आतंकी 26 ओजीडबल्यू, सोपोर में 30 सक्रिय आतंकी व 15 ओजीडबल्यू, बडगाम में 4 सक्रिय आतंकी व 89 ओजीडबल्यू, शोपियां में 39 सक्रिय आतंकी व 136 ओजीडबल्यू, अनंतनाग में 23 सक्रिय आतंकी व 130 ओजीडबल्यू, आवंतीपोरा में 25 सक्रिय आतंकी व 71 ओजीडबल्यू, कुलगाम में 29 सक्रिय आतंकी व 317 ओजीडबल्यू तथा पुलवामा में 36 सक्रिय आतंकी व 92 ओजीडबल्यू हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य कश्मीर का गांदरबल जिला एक मात्र ऐसा जिला है जहां कोई भी सक्रिय आतंकी नहीं है लेकिन यहां भी 38 ओजीडबल्यू हैं।
चिनाब वैली के हालात चिंताजनक
हाल ही में जम्मू संभाग के चिनाब वैली इलाके में लंबे अरसे बाद आतंकी घटनाएं सामने आयी हैं जबकि क्राइम विंग के आंकड़े बताते हैं कि चिनाब वैली में सक्रिय आतंकियों का आंकड़ा बहुत कम है। हालांकि यहां का ओजीडब्ल्यू का आंकड़ा सुरक्षा एजंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। रिपोर्ट के अनुसार, डोडा में कोई सक्रिय आतंकी नहीं जबकि 122 ओजीडबल्यू, किश्तवाड़ में 7 सक्रिय आतंकी व 135 ओजीडब्ल्यू, रियासी में कोई सक्रिय आतंकी नहीं जबकि 182 ओजीडब्ल्यू, रामबन में कोई सक्रिय आतंकी नहीं जबकि 74 ओजीडबल्यू, कठुआ में 2 सक्रिय आतंकी व 39 ओजीडबल्यू, पुंछ में कोई सक्रिय आतंकी नहीं जबकि 119 ओजीडब्ल्यू, राजोरी में 5 सक्रिय व 80 ओजीडब्ल्यू हैं।
ओजीडब्ल्यू नेटवर्क ज्यादा मजबूत
ये आंकड़े बताते हैं कि आतंकियों की तुलना में राज्य में ओजीडब्ल्यू नेटवर्क ज्यादा मजबूती के साथ सक्रिय है। जम्मू संभाग में भी इनकी सक्रियता सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, सक्रिय आतंकियों की तुलना में ओजीडब्ल्यू नेटवर्क ज्यादा घातक होता है। आमलोगों के बीच सक्रिय इन ओजीडब्ल्यू की शिनाख्त करना कठिन होता है, और ये चुपके से अपने मिशन को अंजाम दे कर बच निकलते हैं।
जम्मू-सांबा, लेह व कारगिल में कोई सक्रिय आतंकी नहीं
रिपोर्ट बताती है कि जम्मू संभाग के जम्मू और सांबा जिलों के साथ-साथ लद्दाख संभाग के लेह और कारगिल ज़िले में न तो कोई सक्रिय आतंकी है और न ही कोई ओजीडब्ल्यू नेटवर्क सक्रिय है।