{"_id":"620c06f703eeb532117289b9","slug":"jammu-kashmir-poiltical-city-reporter-news-jmu253916892","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपत्तियों का हल न हुआ तो परिसीमन आयोग के खिलाफ सभी कानूनी विकल्प खुले: मसूदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपत्तियों का हल न हुआ तो परिसीमन आयोग के खिलाफ सभी कानूनी विकल्प खुले: मसूदी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। परिसीमन आयोग की अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई एसोसिएट सदस्यो (जम्मू कश्मीर के पांच सांसदों) से मिले सुझाव व आपत्तियों पर गौर करने के बाद अगले सप्ताह मसौदा रिपोर्ट को सार्वजनिक कर सकती हैं। रिपोर्ट सार्वजनिक कर प्रदेश के लोगों से आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। वहीं, नेशनल कांफ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी ने कहा है कि परिसीमन आयोग ने अगर नेकां सांसदों की आपत्तियों का हल नहीं किया तो पार्टी सभी कानूनी विकल्पों को अपनाएगी।
मसूदी का कहना है कि परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट स्वीकार्य नहीं है और इसे पार्टी खारिज कर चुकी है और इसी आधार पर आपत्तियां आयोग को सौंप दी गई हैं। अब आयोग के पाले में गेंद है कि वह जन आकांक्षाओं को पूरी करने व मसौदा रिपोर्ट में हुई गल्तियो को दुरुस्त करने का कितना काम करती है। नेकां पूरी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं, मसौदा रिपोर्ट पर नेकां की कड़ी आपत्ति पेश किए जाने के बाद आयोग रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले संशोधन करता है या नहीं। इस पर नेकां समेत कश्मीर केंद्रित दलो की करीबी नजरे टिकी हुई हैं। हालांकि भाजपा के दो सांसदो ने आयोग के समक्ष आपत्ति तो नहीं लेकिन सुझाव जरूर दर्ज करवाए हैं। इसमें भाजपा जम्मू जिले की सुचेतगढ़ विधानसभा सीट को बहाल करने के अलावा परगवाल क्षेत्र को अखनूर विधानसभा में जोड़ने व पुंछ जिले की सभी तीन सीटों को आरक्षित न करते हुए कम से कम एक सीट को ओपन करने, अनंतनाग संसदीय सीट के साथ राजोरी व पुंछ जिलों के साथ शोपियां को भी शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मसूदी का कहना है कि परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट स्वीकार्य नहीं है और इसे पार्टी खारिज कर चुकी है और इसी आधार पर आपत्तियां आयोग को सौंप दी गई हैं। अब आयोग के पाले में गेंद है कि वह जन आकांक्षाओं को पूरी करने व मसौदा रिपोर्ट में हुई गल्तियो को दुरुस्त करने का कितना काम करती है। नेकां पूरी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, मसौदा रिपोर्ट पर नेकां की कड़ी आपत्ति पेश किए जाने के बाद आयोग रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले संशोधन करता है या नहीं। इस पर नेकां समेत कश्मीर केंद्रित दलो की करीबी नजरे टिकी हुई हैं। हालांकि भाजपा के दो सांसदो ने आयोग के समक्ष आपत्ति तो नहीं लेकिन सुझाव जरूर दर्ज करवाए हैं। इसमें भाजपा जम्मू जिले की सुचेतगढ़ विधानसभा सीट को बहाल करने के अलावा परगवाल क्षेत्र को अखनूर विधानसभा में जोड़ने व पुंछ जिले की सभी तीन सीटों को आरक्षित न करते हुए कम से कम एक सीट को ओपन करने, अनंतनाग संसदीय सीट के साथ राजोरी व पुंछ जिलों के साथ शोपियां को भी शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन