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जम्मू-कश्मीर: बावे में तेंदुए की दहशत बरकरार, शाम होते ही घरों में दुबक रहे क्षेत्रवासी

Thu, 08 Apr 2021 03:34 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Thu, 08 Apr 2021 03:34 PM IST
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Jammu-kashmir: people in Bawe area are in fear because of leopard
तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला

बावे वन क्षेत्र में कई बार तेंदुआ दिखने से दहशत का माहौल बरकरार है। क्षेत्र के लोग शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं। खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। वन क्षेत्र से सटे रिहायशी इलाके में तेंदुए ने कई बार दस्तक दी है। वन्यजीव विभाग की ओर से तेंदुए को पकड़ने के लिए एक और पिंजरा लगाया जा रहा है। इससे पहले अलग अलग स्थानों पर तीन पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। पिछले कई दिन से बावे वन क्षेत्र से सटे इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए वन्यजीव विभाग की ओर से आपरेशन चलाया गया है।

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तेंदुए ने इलाके के कई कुत्तों को अपना शिकार बनाया है। तेंदुए की दहशत से लोग शाम होते ही घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इससे इलाके में सन्नाटा पसर जाता है। वन्यजीव विभाग ने भी क्षेत्रवासियों को शाम को वन क्षेत्र की ओर न जाने की हिदायत दी है। वन्यजीव वार्डन जम्मू अनिल अत्री ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार वन क्षेत्र से सटे रिहायशी इलाके में आपरेशन चला रही है। तेंदुए को पकड़ने के लिए कई जगह पिंजरे लगाए गए हैं। ऐसी भी आशंका है कि कुत्तों के भोंकने पर उनका शिकार करने के लिए तेंदुआ यहां तक पहुंच रहा है। क्षेत्रवासियों को पूरा एहतियात बरतने को कहा गया है।
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जंगलों का दायरा कम होने से रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे तेंदुए
जंगलों का दायरा कम होने के कारण तेंदुए रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन क्षेत्र के फ्रंटलाइन इलाकों का दायरा लगातार कम हो रहा है। प्रदेश के घास चराई और शामलात जोन (इसे बैरन लाइन फारेस्ट कहते हैं) पर कृषि, बाग गतिविधियों के साथ अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ढांचों का तेजी से विस्तार हो रहा है।
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वन क्षेत्र में कटौती के कारण बफर जोन से भटककर तेंदुए जैसे खूंखार जानवर निचले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। इसके साथ वन क्षेत्रों में ऐसे जानवरों के लिए खाने में भी गिरावट हो रही है। अब पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा शहरी इलाकों में भी तेंदुए के हमले बढ़ने लगे हैं। जम्मू संभाग के चिनाब घाटी, पुंछ, राजोरी, बनी, डुडू बसंतगढ़ आदि पर्वतीय क्षेत्रों नमें तेंदुए पाए जाते हैं। इसके साथ खाने की तलाश में तेंदुए कुत्तों की तलाश में भी शहरों तक पहुंच रहे हैं।

तेंदुए के हमले में घायल की हालत नाजुक
ग्रीन बेल्ट पार्क में तेंदुए के हमले में घायल हुए नानक नगर निवासी 80 वर्षीय गंगाराम को बुधवार को जीएमसी के वार्ड 7 में शिफ्ट किया गया। तेंदुए ने उनके मुंह के बाएं हिस्से में गाल के साथ आंख, कान, नाक को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया है। डाक्टरों के अनुसार उनकी कई सर्जरी करनी पड़ सकती हैं। गंगाराम को कई बोतल खून चढ़ाया गया है। उम्र अधिक होने के कारण घायल की हालत में तेजी से सुधार नहीं हो सकता है।

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