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पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व: जम्मू कश्मीर पंचायती राज अधिनियम में संशोधन, ओबीसी आरक्षण को किया शामिल

Thu, 28 Dec 2023 05:32 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 28 Dec 2023 05:32 PM IST
सार

ओबीसी आरक्षण को शामिल करने के लिए जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया गया। इससे पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलेगा।

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jammu kashmir Panchayati Raj Act amended to incorporate OBC reservation
फाइल फोटो - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश के पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया है। इस अधिनियम में अब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को शामिल किया गया है। इससे पंचायत स्तर पर ओबीसी आरक्षण के तहत पिछड़े वर्गों को अपना और प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।

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उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि जमीनी स्तर के लोकतांत्रिक संस्थानों में ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इसमें ओबीसी की परिभाषा को शामिल किया गया है। इसके लिए संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। पंचायती राज अधिनियम में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के अलावा अब ओबीसी को भी आरक्षण प्रदान किया गया है।
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अधिकारी ने कहा कि उपराज्यपाल के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा प्रस्तावित जम्मू और कश्मीर पंचायती राज अधिनियम में संशोधन का उद्देश्य पंचायती राज संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता, संवैधानिक संरेखण के साथ ही कानून को और अधिक प्रभावी बनाना है।  
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इससे पहले, जम्मू और कश्मीर पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2023 का मसौदा केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को प्रस्तुत किया गया था। फिर गृह मंत्रालय के आवश्यक सुझाव संशोधित विधेयक में शामिल किए गए।


प्रवक्ता ने बताया कि संशोधन विधेयक में ओबीसी को आरक्षण प्रदान करने के लिए ओबीसी की परिभाषा को शामिल करने के लिए कहा गया। हलका पंचायत की सदस्यता से अयोग्यता की विधि के बारे में बताने और सरकार द्वारा सरपंच, नायब-सरपंच और पंच को निलंबित करने और हटाने के बारे में भी इसमें बताने के सुझाव को इसमें जोड़ा गया है। साथ ही विधेयक राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) को हटाने की प्रक्रिया और सेवा शर्तों को भी परिभाषित करता है।

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