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जम्मू-कश्मीर: पंचायत चुनाव, एमफिल, पीएचडी उम्मीदवार भी सरपंच की दौड़ में
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 25 Nov 2018 10:51 PM IST
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सिंधु भल्ला शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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पंचायत चुनाव के तहत प्रचार जोर शोर से जारी है। ऐसे में एमफिल एवं पीएचडी होल्डर्स तक चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं। गांवों और दूरदराज के इलाकों से संबंधित प्रत्याशी अपने क्षेत्रों की तस्वीर बदलना चाहते हैं।
बात शुरू करते हैं किश्तवाड़ जिले के ठकराई क्षेत्र की सिंधु भल्ला शर्मा की। अंजोले गांव के श्रवण शर्मा से ब्याही गईं सिंधु संस्कृत में एमफिल हैं। वह भी अपने गांव से सरपंच प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरी हैं। बकौल सिंधु वह छवि राजावत से बेहद प्रेरित हैं, जिन्होंने एमबीए करने के बाद अपना कारपोरेट करियर छोड़ राजस्थान के सोडा गांव से सरपंच का चुनाव लड़ा। उनका सपना भी छवि की ही तरह अपने दूरस्थ गांव की तस्वीर बदलना है।
किश्तवाड़ जिले के ही दूरस्थ इलाकों में शुमार लोहारना-ए से सरपंच प्रत्याशी डॉ. पृथ्वीराज ने बाटनी में पीएचडी की है। इसी तरह मंसूर हसन, जो किश्तवाड़ जिले के लोहारना-बी से सरपंच उम्मीदवार हैं, उन्होंने डबल एमए किया है। वह पॉलिटिकल साइंस और इंगलिश में एमए हैं। इन सभी उम्मीदवारों की तमन्ना अपने दूरस्थ इलाकों की तस्वीर बदलना है।
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बात शुरू करते हैं किश्तवाड़ जिले के ठकराई क्षेत्र की सिंधु भल्ला शर्मा की। अंजोले गांव के श्रवण शर्मा से ब्याही गईं सिंधु संस्कृत में एमफिल हैं। वह भी अपने गांव से सरपंच प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरी हैं। बकौल सिंधु वह छवि राजावत से बेहद प्रेरित हैं, जिन्होंने एमबीए करने के बाद अपना कारपोरेट करियर छोड़ राजस्थान के सोडा गांव से सरपंच का चुनाव लड़ा। उनका सपना भी छवि की ही तरह अपने दूरस्थ गांव की तस्वीर बदलना है।
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किश्तवाड़ जिले के ही दूरस्थ इलाकों में शुमार लोहारना-ए से सरपंच प्रत्याशी डॉ. पृथ्वीराज ने बाटनी में पीएचडी की है। इसी तरह मंसूर हसन, जो किश्तवाड़ जिले के लोहारना-बी से सरपंच उम्मीदवार हैं, उन्होंने डबल एमए किया है। वह पॉलिटिकल साइंस और इंगलिश में एमए हैं। इन सभी उम्मीदवारों की तमन्ना अपने दूरस्थ इलाकों की तस्वीर बदलना है।
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