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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: गुलमर्ग में होटलों की भूमि लीज की अवधि बढ़ाने पर जल्द निर्णय ले सरकार
Sat, 04 Dec 2021 02:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 02:03 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में होटल मालिकों का दी गई जमीन की लीज बढ़ाने के लिए सरकार से जल्द निर्णय लेने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि पट्टा अवधि की बढ़ाया जा सकता है।
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अदालत ने आरोपियों पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में होटल मालिकों को दी गई जमीन की लीज अवधि बढ़ाने पर सरकार को सचेत निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि अदालत के 15 जनवरी 2020 के निर्णय के दायरे में रहते हुए तीन माह में इस पर फैसला लिया जाए।
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बिल्डिंग ऑपरेशन कंट्रोलिंग अथॉरिटी और गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी लीज अवधि खत्म होने के पहलु को नजरअंदाज करते हुए निर्णय कर सकती है, लेकिन होटल मालिकों को किसी भी तरह के निर्माण से पहले अदालत से अनुमति लेनी होगी। मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति मोहम्मद अकरम चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि गुलमर्ग में होटलों को पट्टे पर जमीन दी गई है।
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इन होटलों की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, जिसकी वजह से होटल मालिक रखरखाव से जुड़ा काम नहीं कर पा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका में होटलों से जुड़ी मरमत और निर्माण का मामला विवाद का केंद्र है। गुलमर्ग में होटल मालिकों को जमीन 40 वर्ष के लिए पट्टे पर दी गई थी, जिसे बढ़ाकर अधिकतम 99 वर्ष तक करने का प्रावधान है।
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वर्तमान में 40 वर्ष की अवधि खत्म हो चुकी है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि होटल मालिक अवैध रूप से काबिज हैं। इसे लेकर संबंधित एजेंसियों को सचेत निर्णय लेना होगा। निर्णय लेते समय यह भी ध्यान रखना होगा कि अदालत के 15 जनवरी 2020 के आदेश का उल्लंघन भी न हो।