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अनुपालना रिपोर्ट पुख्ता कर रही मिलीभगत का आरोप : हाईकोर्ट
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जम्मू/श्रीनगर। आवासी इलाके में होटल निर्माण मामले में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने श्रीनगर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि न्यायालय आदेश से जुड़ी अनुपालना रिपोर्ट जिस तरह से दाखिल की गई है, वह विभागीय अमले की मिलीभगत के आरोप को और पुख्ता कर रही है। लिहाजा इस मामले पर श्रीनगर नगर निगम आयुक्त के हलफनामे के साथ तीन दिन में जवाब दाखिल किया जाए। यह बताएं कि इस पर क्या कार्रवाई की गई और निर्माण के दौरान जवाबदेह खिलाफवर्जी अफसर का नाम भी बताएं।
श्रीनगर के गोगजी बाग क्षेत्र में आवासीय इमारत को व्यावसायिक इमारत में बदलने को लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति मोहम्मद अकरम की खंडपीठ ने कहा कि नगर निगम की अनुपालना रिपोर्ट ठीक से तैयार नहीं की गई है। खंडपीठ ने पाया कि अनुपालना रिपोर्ट को देख कर यह आरोप और भी पुख्ता हो रहा है कि नगर निगम का अमला नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ मिला हुआ है। नगर निगम को बताना होगा कि जब यह निर्माण चल रहा था, उस समय खिलाफवर्जी अफसर कौन थे।
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270 करोड़ के ऋण मामले में एमडी को जमानत
जम्मू। अमन हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड के एमडी राज सिंह गहलोत को 270 करोड़ के ऋण मामले में जमानत मिल गई है। श्रीनगर की एंटी करप्शन विशेष अदालत के न्यायाधीश सीएल बवोरिया ने मंगलवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। कहा कि 2019 में यह मामला सामने आया था। अब तक की जांच और तथ्यों में यह बताया गया कि दो साल से एमडी को गिरफ्तार नहीं किया गया, लेकिन उसने जांच में जांच एजेंसी को पूरा सहयोग किया है। लिहाजा उनकी जमानत अर्जी मंजूर की जा रही है। हालांकि इसमें कुछ बातों का पालन करना होगा। एक लाख रुपये का बांड एमडी को भरना होगा। वह यह भी विश्वास दिलाएंगे कि इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह और अन्य व्यक्ति से सीधे या पिछले दरवाजे बात करने का प्रयास नहीं करेंगे। एसीबी के अनुसार आरोपी ने दिल्ली की अंसल प्लाजा जेके बैंक शाखा से 270 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। एसीबी ने इस मामले में आरोप पत्र भी पेश किए। इसमें एमडी राज सिंह गहलोत, उस समय बैंक के प्रबंधक रहे राकेश कुमार और कुलदीप गुप्ता का नाम भी शामिल है। यह आरोप लगाया गया था कि जम्मू-कश्मीर बैंक अंसल प्लाजा शाखा के अधिकारियों ने इस फर्म को करोड़ों रुपये का ऋण दिया था और उक्त फर्म की मिलीभगत से फर्म को एकमुश्त निपटान की सुविधा के लिए स्वीकृत ऋण राशि को एनपीए घोषित किया गया था।
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श्रीनगर के गोगजी बाग क्षेत्र में आवासीय इमारत को व्यावसायिक इमारत में बदलने को लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति मोहम्मद अकरम की खंडपीठ ने कहा कि नगर निगम की अनुपालना रिपोर्ट ठीक से तैयार नहीं की गई है। खंडपीठ ने पाया कि अनुपालना रिपोर्ट को देख कर यह आरोप और भी पुख्ता हो रहा है कि नगर निगम का अमला नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ मिला हुआ है। नगर निगम को बताना होगा कि जब यह निर्माण चल रहा था, उस समय खिलाफवर्जी अफसर कौन थे।
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270 करोड़ के ऋण मामले में एमडी को जमानत
जम्मू। अमन हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड के एमडी राज सिंह गहलोत को 270 करोड़ के ऋण मामले में जमानत मिल गई है। श्रीनगर की एंटी करप्शन विशेष अदालत के न्यायाधीश सीएल बवोरिया ने मंगलवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। कहा कि 2019 में यह मामला सामने आया था। अब तक की जांच और तथ्यों में यह बताया गया कि दो साल से एमडी को गिरफ्तार नहीं किया गया, लेकिन उसने जांच में जांच एजेंसी को पूरा सहयोग किया है। लिहाजा उनकी जमानत अर्जी मंजूर की जा रही है। हालांकि इसमें कुछ बातों का पालन करना होगा। एक लाख रुपये का बांड एमडी को भरना होगा। वह यह भी विश्वास दिलाएंगे कि इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह और अन्य व्यक्ति से सीधे या पिछले दरवाजे बात करने का प्रयास नहीं करेंगे। एसीबी के अनुसार आरोपी ने दिल्ली की अंसल प्लाजा जेके बैंक शाखा से 270 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। एसीबी ने इस मामले में आरोप पत्र भी पेश किए। इसमें एमडी राज सिंह गहलोत, उस समय बैंक के प्रबंधक रहे राकेश कुमार और कुलदीप गुप्ता का नाम भी शामिल है। यह आरोप लगाया गया था कि जम्मू-कश्मीर बैंक अंसल प्लाजा शाखा के अधिकारियों ने इस फर्म को करोड़ों रुपये का ऋण दिया था और उक्त फर्म की मिलीभगत से फर्म को एकमुश्त निपटान की सुविधा के लिए स्वीकृत ऋण राशि को एनपीए घोषित किया गया था।
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