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Indian Army : अब समुद्र की गहराई में भी रहेगी दुश्मन पर नजर, IIT जम्मू में अंडरवाटर डिटेक्शन सिस्टम तैयार
Fri, 02 Feb 2024 05:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 02 Feb 2024 05:14 AM IST
सार
आईआईटी जम्मू में अंडरवाटर सोर्स लोकलाइजेशन डिटेक्शन सिस्टम तैयार किया गया है। इसकी मदद से पानी के भीतर चार किलोमीटर की दूरी तक भी किसी तरह के जानवर, रिमोट से चलने वाले उपकरण, समुद्री जहाज, इलेक्ट्रॉनिक नाव या फिर किसी भी तरह के अंडर वाटर उपकरण का पता लगाया जा सकेगा।
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विस्तार
भारतीय नौसेना अब गहरे पानी के अंदर भी दुश्मन की हरकत पर नजर रख सकेगी। आईआईटी जम्मू में अंडरवाटर सोर्स लोकलाइजेशन डिटेक्शन सिस्टम तैयार किया गया है। इसकी मदद से पानी के भीतर चार किलोमीटर की दूरी तक भी किसी तरह के जानवर, रिमोट से चलने वाले उपकरण, समुद्री जहाज, इलेक्ट्रॉनिक नाव या फिर किसी भी तरह के अंडर वाटर उपकरण का पता लगाया जा सकेगा। नौसेना अनुसंधान बोर्ड कोच्चि की सिफारिश पर आईआईटी ने उक्त डिटेक्शन सिस्टम तैयार किया है।
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इस उपकरण के लिए एक 24 फुट लंबा, 20 फुट चौड़ा और 6 फुट गहरा वाटर टैंकर बनाया गया है। इसमें हाइड्रोफोन, स्वयं का शोर सुनने के लिए प्रोजेक्टर, सेंसर, टारगेट लेने के लिए एक अलग प्रोजेक्टर लगाया गया है। इसके जरिए समुद्री वातावरण में सोनार प्रणालियों के उपयोग में ध्वनिक संकेतों को प्रसारित करके गुप्त लक्ष्यों का पता लगाया जाता है।
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जहाज के पीछे सोनार प्रणाली फिट की जाती है। जैसे ही 4 किलोमीटर की दूरी पर कोई आवाज आएगी तो यह उपकरण जहाज की अपनी आवाज को बंद करके सामने से होने वाले शोर को सुन लेगा। जिससे पता चल जाएगा कि सामने से कोई आ रहा है।
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नौसेना अनुसंधान बोर्ड ने की थी सिफारिश
इस प्रोजेक्ट को 70 लाख रुपये में तैयार किया है। इसमें सबसे अधिक इस्तेमाल हाइड्रोफोन का है। जिसके साथ सेंसर लगे हुए हैं। इसकी मदद से जो सिग्नल आएगा वो एलईडी पर संकेत देगा। यह एक ध्वनिक उपकरण है, जो जहाज के अपने शोर पर नियंत्रित करके सामने से होने वाले शोर का पता लगा लेगा। चार किलोमीटर की दूरी से भी यदि कुछ आ रहा है तो एलईडी पर सिग्नल मिल जाएगा।
-डाॅ. करन नथवानी, सहायक प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, आईआईटी जम्मू