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जम्मू-कश्मीर: अब इमाम दिखाएंगे घाटी के भटके युवाओं को राह ‘लेटस रीच इमाम’ कार्यक्रम में लिया गया फैसला
Thu, 16 Dec 2021 12:23 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:23 PM IST
सार
लेट्स रेच फाउंडेशन के अध्यक्ष आबिद सलाम ने बताया कि इस फोरम की स्थापना युवाओं को सही राह पर लाने के लिए की गई है। सलाम ने कहा कि इमाम का फर्ज, मस्जिदों में नमाज पढ़ना ही नहीं, बल्कि समाज भलाई का भी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (एनजीओ)
विस्तार
घाटी के इमाम अब युवाओं को कट्टरपंथ से दूर रखने की मुहिम छेड़ेंगे। यह फैसला बुधवार को बारामुला जिले में ‘लेटस रीच इमाम’ कार्यक्रम में लिया गया। बता दें कि इससे पहले समाज के जिम्मेदार लोगों और धार्मिक गुरुओं से समाज सुधार की अपील की जाती रही है, लेकिन पहली बार औपचारिक रूप से किसी एक फोरम का गठन किया गया है, जिनकी प्राथमिकता ही युवाओं को मुख्यधारा की ओर लाने की रहेगी।
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लेट्स रेच फाउंडेशन के अध्यक्ष आबिद सलाम ने बताया कि इस फोरम की स्थापना युवाओं को सही राह पर लाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि इमाम केवल मस्जिदों और नमाज पढ़ने तक ही सीमित नहीं, बल्कि राह से भटके नौजवानों को सही रास्ते पर लाना भी है।
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सलाम ने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि इमामों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर एक ऐसे फोरम का गठन किया गया जो एक समाज सुधार कार्य की शुरुआत करेगा। फिलहाल बारामुला से इसकी शुरूआत हुई है और आगे भी बाकी जिलों में इसे शुरू किया जाएगा।
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एनजीओ के अध्यक्ष बोले, उन्हें जनरल रावत ने दिखाई थी राह
बता दें कि एनजीओ के अध्यक्ष आबिद सलाम ने हाल ही में अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में यह बड़ा खुलासा किया था कि वह खुद कट्टरपंथ का शिकार हुए थे। और सेना के उस समय के जीओसी शहीद जनरल बिपिन रावत के प्रयासों से वह मुख्यधारा का हिस्सा बन पाए हैं।
सलाम ने यह भी बताया कि कट्टरपंथ की राह पर निकले युवा पर क्या बीतती है, उसका उन्हें भी अहसास है, इसलिए उन्होंने फैसला लिया है कि भोलेभाले युवाओं को गलत राह पर निकलने से पहले ही उन्हें इससे दूर रखने के प्रयास किए जाएं। अगर कोई चला भी गया है तो उसे वापस कैसे लाना है, उस पर भी काम किया जाए। इसके लिए उन्होंने समाज में हम भूमिका निभाने वाले इमामों को चुना है। उम्मीद है कि यह एक सफल प्रयास होगा।