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जम्मू-कश्मीर : अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटने पर घाटी का रुख कर सकते हैं आतंकी
Sat, 26 Jun 2021 04:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 26 Jun 2021 04:23 AM IST
सार
- जीओसी डीपी पांडे ने कहा- सेना सतर्क, किसी भी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम बनाने में सक्षम
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आतंकी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : ANI
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विस्तार
कश्मीर में तैनात सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी कुछ आतंकवादियों को कश्मीर में धकेल सकती है। लेकिन सेना किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए नियंत्रण रेखा और आंतरिक इलाकों में तैयार है। चिनार कॉर्प्स के कमांडर ने कहा कि कुछ लोग जो आजादी के पक्षधर हैं, उन्हें इस बात पर विचार करना चाहिए कि एलओसी के पार और पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर क्या स्थिति है।
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अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटने के बाद कश्मीर की स्थिति को लेकर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि हां, इस बात की आशंका है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी कुछ आतंकवादियों को कश्मीर में धकेल सकती है। हालांकि घाटी में अब 30 साल पुरानी स्थिति नहीं है। जीओसी ने कहा कि पहले नार्को मॉड्यूल के तहत सिर्फ पैसा आता था लेकिन अब ड्रग्स भी आ रहे हैं। पुलिस इस तरह के मामलों से बहुत प्रभावी ढंग से निपट रही है और भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त की गई है।
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यह पूछे जाने पर कि क्या जम्मू-कश्मीर के राजनेताओं और नई दिल्ली के बीच हालिया बातचीत का कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर कोई प्रभाव पड़ेगा, इस पर जीओसी पांडे ने कहा कि सुरक्षा की स्थिति और राजनीतिक प्रक्रिया दो अलग-अलग चीजें हैं। बातचीत एक सतत प्रक्रिया है जो हमेशा चलती रहती है। कश्मीर में आतंकवाद पर जीओसी ने कहा कि जब तक आतंकवादी नेटवर्क नहीं खत्म होता, एक सुरक्षा ग्रिड की आवश्यकता है ताकि लोग बाहर आएं और शांतिपूर्ण माहौल में रहें।
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इस साल कोई घुसपैठ नहीं
कश्मीर में एलओसी पर घुसपैठ की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस साल अब तक शून्य घुसपैठ हुई है लेकिन लॉन्च पैड सक्रिय हैं। एलओसी पर जो कुछ भी होगा उससे प्रभावी और पेशेवर तरीके से निपटा जाएगा।