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बागवानी को मजबूत करने के लिए बजट बढ़ाया जाए : लोन
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श्रीनगर। जेकेपीसी अध्यक्ष और हंदवाड़ा से विधायक सज्जाद लोन ने सोमवार को विधानसभा बजट सत्र में क्षेत्र की बागवानी को मजबूत करने के लिए बजट बढ़ाने और आधुनिकीकरण की जोरदार पैरवी की।
लोन ने बागवानी के आर्थिक महत्व पर जोर देते हुए कहा, यह रोजगार की लाइफलाइन है। इसका टर्नओवर करीब 10,000 करोड़ रुपये है और 7.5 लाख परिवार इससे जुड़े हैं। यह जीडीपी में 8 प्रतिशत योगदान देता है, लेकिन बजट में सिर्फ 1 फीसदी यानी 700 करोड़ रुपये ही मिलता है। उन्होंने बताया कि 8 फीसदी योगदान के हिसाब से 8,000 करोड़ रुपये मिलने चाहिएं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सकता है।
उन्होंने सरकार से कहा, बजट बहुत कम है। यह मंत्रालय बेरोजगारी दूर करने में सक्षम है। खेती की जमीन बचाने पर लोन ने कहा, मैं एक किसान परिवार से आता हूं। धान की खेती में सारी लागत घटाने के बाद एक कनाल जमीन से लगभग 2,000-2,500 रुपये की आय होती है। वहीं, हाई-डेंसिटी खेती से 50,000-70,000 रुपये की आय हो सकती है। हम किसानों को अधिक लाभकारी विकल्प चुनने से कैसे रोक सकते हैं।
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लोन ने बागवानी के आर्थिक महत्व पर जोर देते हुए कहा, यह रोजगार की लाइफलाइन है। इसका टर्नओवर करीब 10,000 करोड़ रुपये है और 7.5 लाख परिवार इससे जुड़े हैं। यह जीडीपी में 8 प्रतिशत योगदान देता है, लेकिन बजट में सिर्फ 1 फीसदी यानी 700 करोड़ रुपये ही मिलता है। उन्होंने बताया कि 8 फीसदी योगदान के हिसाब से 8,000 करोड़ रुपये मिलने चाहिएं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सकता है।
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उन्होंने सरकार से कहा, बजट बहुत कम है। यह मंत्रालय बेरोजगारी दूर करने में सक्षम है। खेती की जमीन बचाने पर लोन ने कहा, मैं एक किसान परिवार से आता हूं। धान की खेती में सारी लागत घटाने के बाद एक कनाल जमीन से लगभग 2,000-2,500 रुपये की आय होती है। वहीं, हाई-डेंसिटी खेती से 50,000-70,000 रुपये की आय हो सकती है। हम किसानों को अधिक लाभकारी विकल्प चुनने से कैसे रोक सकते हैं।
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