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Jammu News: हाईकोर्ट ने संदिग्ध ड्रग तस्कर को गिरफ्तारी के दो साल बाद दी जमानत
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट ने नशा तस्करी के आरोपी को जमानत दे दी। कुपवाड़ा के आरोपी को सहआरोपी के खुलासे के बाद दो साल पहले गिरफ्तार किया था। सहआरोपी को उत्तरी कश्मीर में लगभग 10 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। अदालत ने कहा कि प्रधान सत्र न्यायाधीश कुपवाड़ा द्वारा आदेश में शामिल की जाने वाली शर्तों में से एक यह भी होगी कि यदि याचिकाकर्ता एनडीपीएस के तहत अपराध से संबंधित किसी नए मामले में संलिप्त पाया जाता है तो अभियोजन पक्ष को याचिकाकर्ता को दी गई जमानत को रद्द करने का अधिकार होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पुलिस ने 11 जुलाई 2022 को चश्मा त्रेगम में चेकिंग के दौरान बाइक सवार असिफ बशीर और पीछे बैठे मेहताब अहमद मलिक को पकड़ा था। तलाशी में आसिफ के पास से करीब 10 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुुई। मेहताब के पास से कुछ भी नहीं मिला। आसिफ के बयान के आधार पर जांच शुरू हुई तो पता चला कि नशीला पदार्थ याचिकाकर्ता मुनीर अहमद खान से खरीदा गया था। लिहाजा मुनीर अहमद खान को 24 जुलाई 2022 को गिरफ्तार कर लिया गया। तबसे वह लगातार हिरासत में ही था।
जस्टिस राहुल भारती की पीठ ने कहा कि मामले में एफआईआर का पंजीकरण बहुत ही रोचक है, जो इस तथ्य की ओर इशारा करता है कि शायद मामले की वास्तविक उत्पत्ति वह नहीं है जो एफआईआर में पहले आरोपी आसिफ बशीर को पकड़ने के लिए उल्लेखित की गई थी। किसी भी तरह से कथित अपराध का उल्लेख पहले आरोपी आसिफ बशीर के पास से करीब 10 ग्राम ब्राउन शुगर के कब्जे में पाए जाने के कृत्य से संबंधित नहीं हो सकता।
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कानूनी स्थिति पर विचार-विमर्श के बाद अदालत ने मुनीर को दो जमानत बांड, व्यक्तिगत और जमानती, प्रत्येक पांच लाख रुपये की राशि के साथ जमानत दे दी, जो कुपवाड़ा के प्रधान सत्र न्यायाधीश के समक्ष सात दिनों के भीतर फैसले की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने पर अन्य शर्तों के साथ लागू होगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार पुलिस ने 11 जुलाई 2022 को चश्मा त्रेगम में चेकिंग के दौरान बाइक सवार असिफ बशीर और पीछे बैठे मेहताब अहमद मलिक को पकड़ा था। तलाशी में आसिफ के पास से करीब 10 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुुई। मेहताब के पास से कुछ भी नहीं मिला। आसिफ के बयान के आधार पर जांच शुरू हुई तो पता चला कि नशीला पदार्थ याचिकाकर्ता मुनीर अहमद खान से खरीदा गया था। लिहाजा मुनीर अहमद खान को 24 जुलाई 2022 को गिरफ्तार कर लिया गया। तबसे वह लगातार हिरासत में ही था।
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जस्टिस राहुल भारती की पीठ ने कहा कि मामले में एफआईआर का पंजीकरण बहुत ही रोचक है, जो इस तथ्य की ओर इशारा करता है कि शायद मामले की वास्तविक उत्पत्ति वह नहीं है जो एफआईआर में पहले आरोपी आसिफ बशीर को पकड़ने के लिए उल्लेखित की गई थी। किसी भी तरह से कथित अपराध का उल्लेख पहले आरोपी आसिफ बशीर के पास से करीब 10 ग्राम ब्राउन शुगर के कब्जे में पाए जाने के कृत्य से संबंधित नहीं हो सकता।
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कानूनी स्थिति पर विचार-विमर्श के बाद अदालत ने मुनीर को दो जमानत बांड, व्यक्तिगत और जमानती, प्रत्येक पांच लाख रुपये की राशि के साथ जमानत दे दी, जो कुपवाड़ा के प्रधान सत्र न्यायाधीश के समक्ष सात दिनों के भीतर फैसले की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने पर अन्य शर्तों के साथ लागू होगी।