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प्रत्येक पुरस्कार विजेता का योगदान सभी के लिए प्रेरणा है : एलजी
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में शनिवार को बुद्धांजलि रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय बुद्ध शांति पुरस्कार और भारत रत्न डॉ. भीम राव आंबेडकर पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन में, उपराज्यपाल ने सभी पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई दी और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा, प्रत्येक पुरस्कार विजेता का योगदान सभी के लिए प्रेरणा है। वे साहस, सद्भाव, शांति, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्रवाद के प्रतीक हैं और वे भारत के विचार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उपराज्यपाल ने युवाओं से महात्मा बुद्ध और डॉ. भीम राव आंबेडकर के महान मूल्यों और आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने और समर्पण और निष्ठा के साथ मानवता की सेवा करते हुए और शांति एवं सद्भाव के मूल्यों का प्रसार करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि जीवन जीने की सबसे बड़ी कला वह है जिसमें दूसरों का कल्याण शामिल हो। हमें समाज को यह संदेश देना होगा कि निस्वार्थ सेवा जैसे सामाजिक मूल्यों की रक्षा नैतिकता के मार्ग पर चलकर ही की जा सकती है। समाज को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने के लिए प्रेरित करना भी हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, एक महत्वाकांक्षी भारत, विकसित भारत बनने की ओर अग्रसर है।
आत्मनिर्भरता के साथ-साथ, हमारे देश में एक नया आत्मविश्वास भी जागृत हुआ है और हम एक विकसित भारत के अपने लक्ष्य पर केंद्रित हैं। भारत विश्व के लिए आशा है और यह मानवता को एक समृद्ध और सुखद भविष्य का मार्ग दिखा सकता है।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भारत सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के सभी लोगों का उत्थान और सम्मान हमारा उद्देश्य है और यह सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है कि युवाओं और महिलाओं को विकास के पथ पर आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाया जाए।
पूर्व सांसद नीलम सोनकर, कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग, बुद्धांजलि रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष कैलाश मासूम, श्रीनगर के उपायुक्त अक्षय लाबरू, पुलवामा के उपायुक्त बशारत कयूम, श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती, दासबाबू जायसवाल, फिल्म अभिनेता युवराज कुमार, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के लोग इस सम्मान समारोह में उपस्थित थे।
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अपने संबोधन में, उपराज्यपाल ने सभी पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई दी और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा, प्रत्येक पुरस्कार विजेता का योगदान सभी के लिए प्रेरणा है। वे साहस, सद्भाव, शांति, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्रवाद के प्रतीक हैं और वे भारत के विचार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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उपराज्यपाल ने युवाओं से महात्मा बुद्ध और डॉ. भीम राव आंबेडकर के महान मूल्यों और आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने और समर्पण और निष्ठा के साथ मानवता की सेवा करते हुए और शांति एवं सद्भाव के मूल्यों का प्रसार करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि जीवन जीने की सबसे बड़ी कला वह है जिसमें दूसरों का कल्याण शामिल हो। हमें समाज को यह संदेश देना होगा कि निस्वार्थ सेवा जैसे सामाजिक मूल्यों की रक्षा नैतिकता के मार्ग पर चलकर ही की जा सकती है। समाज को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने के लिए प्रेरित करना भी हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, एक महत्वाकांक्षी भारत, विकसित भारत बनने की ओर अग्रसर है।
आत्मनिर्भरता के साथ-साथ, हमारे देश में एक नया आत्मविश्वास भी जागृत हुआ है और हम एक विकसित भारत के अपने लक्ष्य पर केंद्रित हैं। भारत विश्व के लिए आशा है और यह मानवता को एक समृद्ध और सुखद भविष्य का मार्ग दिखा सकता है।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भारत सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के सभी लोगों का उत्थान और सम्मान हमारा उद्देश्य है और यह सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है कि युवाओं और महिलाओं को विकास के पथ पर आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाया जाए।
पूर्व सांसद नीलम सोनकर, कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग, बुद्धांजलि रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष कैलाश मासूम, श्रीनगर के उपायुक्त अक्षय लाबरू, पुलवामा के उपायुक्त बशारत कयूम, श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती, दासबाबू जायसवाल, फिल्म अभिनेता युवराज कुमार, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के लोग इस सम्मान समारोह में उपस्थित थे।