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Jammu News: राणा ने उड़ी में 18 करोड़ से बाढ़ सुरक्षा कार्यों और जलापूर्ति योजना की रखी आधारशिला
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उड़ी। उड़ी क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देते हुए, जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी, पर्यावरण और जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को बोनियार में कटाव और बाढ़ सुरक्षा कार्यों तथा उड़ी शहर में अमृत 2.0 के अंतर्गत एक व्यापक जलापूर्ति योजना (डब्ल्यूएसएस) की आधारशिला रखी। 18.57 करोड़ की लागत वाली यह कटाव और बाढ़ सुरक्षा परियोजना, व्यापक बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम (सीएफएमपी) के तहत संचालित की जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य झेलम नदी के 180 किलोमीटर से 225 किलोमीटर लंबे आरडी तक के संवेदनशील हिस्सों की सुरक्षा करना है, जहां नदी के किनारे कटाव और बाढ़ के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। इस परियोजना में आरसीसी रिटेनिंग वॉल और क्रेट प्रोटेक्शन कार्यों का निर्माण होना है। आठ माह के अंदर पूर्ण होने वाले इस कार्य से दर्जनों गांवों को जानमाल और कृषि भूमि की सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
इस दौरान मंत्री राणा ने कहा कि ये परियोजनाएं उमर अब्दुल्ला सरकार की सक्रिय बाढ़ प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये न केवल तात्कालिक खतरों का समाधान करती हैं, बल्कि क्षेत्र की दीर्घकालिक सहनशीलता और पारिस्थितिक स्थिरता को भी बढ़ाती हैं।
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डब्ल्यूएसएस परियोजना की आधारशिला रखते हुए मंत्री ने इसे उड़ी शहर में 100 फीसदी पेयजल कवरेज प्राप्त करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम बताया। मंत्री ने जनसंपर्क के दौरान लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी और समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में उड़ी के विधायक डॉ. सज्जाद शफी, मुख्य अभियंता इंजीनियर ताज चौधरी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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इस पहल का उद्देश्य झेलम नदी के 180 किलोमीटर से 225 किलोमीटर लंबे आरडी तक के संवेदनशील हिस्सों की सुरक्षा करना है, जहां नदी के किनारे कटाव और बाढ़ के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। इस परियोजना में आरसीसी रिटेनिंग वॉल और क्रेट प्रोटेक्शन कार्यों का निर्माण होना है। आठ माह के अंदर पूर्ण होने वाले इस कार्य से दर्जनों गांवों को जानमाल और कृषि भूमि की सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
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इस दौरान मंत्री राणा ने कहा कि ये परियोजनाएं उमर अब्दुल्ला सरकार की सक्रिय बाढ़ प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये न केवल तात्कालिक खतरों का समाधान करती हैं, बल्कि क्षेत्र की दीर्घकालिक सहनशीलता और पारिस्थितिक स्थिरता को भी बढ़ाती हैं।
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डब्ल्यूएसएस परियोजना की आधारशिला रखते हुए मंत्री ने इसे उड़ी शहर में 100 फीसदी पेयजल कवरेज प्राप्त करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम बताया। मंत्री ने जनसंपर्क के दौरान लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी और समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में उड़ी के विधायक डॉ. सज्जाद शफी, मुख्य अभियंता इंजीनियर ताज चौधरी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।