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Jammu News: अनंतनाग में एसडीएच बिजबिहाड़ा पहला अस्पताल, जहां मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर शुरू
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श्रीनगर। उप-जिला अस्पताल (एसडीएच) बिजबिहाड़ा में 10 आईसीयू बिस्तरों के साथ एक अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही यह जिले का पहला ऐसा अस्पताल बन गया है, जहां मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा से मरीजों को उपलब्ध सर्जिकल देखभाल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने इसकी शुरुआत को लेकर खुशी का इजहार किया है।
मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर को सर्जिकल सेटअप में सर्वोत्तम मानक माना जाता है जिसे विशेष वायु निस्पंदन प्रणालियों, नियंत्रित वायु प्रवाह और उन्नत रोगाणुहीन वातावरण के साथ डिजाइन किया गया है ताकि सर्जरी के दौरान संक्रमण के जोखिम को काफी कम किया जा सके। यह डॉक्टरों को जटिल और आपातकालीन ऑपरेशन अधिक सटीकता, सुरक्षा और दक्षता के साथ करने में भी सक्षम बनाता है।
अधिकारियों के अनुसार इसकी शुरुआत बिजबिहाड़ा के लिए एक मील का पत्थर है जहां लंबे समय से बढ़ते मरीज़ों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की ज़रूरत थी।
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एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, ''''मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर क्षेत्र में सर्जिकल देखभाल में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मरीजों को उन्नत प्रक्रियाओं के लिए हमेशा श्रीनगर या अन्य जिलों की यात्रा न करनी पड़े। इसकी शुरुआत को लेकर स्थानीय लोगों ने स्थानीय विधायक और मौजूदा सरकार के साथ-साथ एलजी प्रशासन का शुक्रिया अदा किया है। एक स्थानीय गुलज़ार अहमद ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग थी कि यहां स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार हो। अब जिस तरह की सुविधा शुरू की गई है इसके चलते हमारे मरीज़ों को यहां से कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एक अन्य स्थानीय बशीरुद्दीन माग्रे ने कहा कि हमे बड़ी ख़ुशी है कि आधुनिक तकनीक वाला ओटी यहां शुरू हुआ है और अन्य सुविआधाएं रखी गई हैं। इससे पहले हमारे मरीज़ों को श्रीनगर रेफर किया जाता था जिससे मरीज़ के साथ साथ तमीरदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
बता दें, ओटी के साथ-साथ 10 गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बिस्तरों को भी चालू किया गया है जो चौबीस घंटे निगरानी और जीवन रक्षक हस्तक्षेप की ज़रूरत वाले मरीज़ों को गहन देखभाल सहायता प्रदान करते हैं। इसे स्थानीय लोगों के लिए खासकर आपात स्थिति के दौरान एक बेहद ज़रूरी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा स्त्री रोग विभाग जो 2014 की विनाशकारी बाढ़ के बाद असुरक्षित घोषित किए गए पुराने एसडीएच भवन में काम कर रहा था, अब नए ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कदम से प्रसूति और महिला स्वास्थ्य सेवा के लिए सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं वाली सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। साथ ही एसडीएच बिजबिहाड़ा की डायलिसिस इकाई ने पहले ही 100 सत्र पूरे कर लिए हैं जिससे न केवल अनंतनाग बल्कि आसपास के इलाकों के मरीज़ों को भी सुविधा मिल रही है और दूर-दराज के अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम हो रही है।
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मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर को सर्जिकल सेटअप में सर्वोत्तम मानक माना जाता है जिसे विशेष वायु निस्पंदन प्रणालियों, नियंत्रित वायु प्रवाह और उन्नत रोगाणुहीन वातावरण के साथ डिजाइन किया गया है ताकि सर्जरी के दौरान संक्रमण के जोखिम को काफी कम किया जा सके। यह डॉक्टरों को जटिल और आपातकालीन ऑपरेशन अधिक सटीकता, सुरक्षा और दक्षता के साथ करने में भी सक्षम बनाता है।
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अधिकारियों के अनुसार इसकी शुरुआत बिजबिहाड़ा के लिए एक मील का पत्थर है जहां लंबे समय से बढ़ते मरीज़ों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की ज़रूरत थी।
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एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, ''''मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर क्षेत्र में सर्जिकल देखभाल में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मरीजों को उन्नत प्रक्रियाओं के लिए हमेशा श्रीनगर या अन्य जिलों की यात्रा न करनी पड़े। इसकी शुरुआत को लेकर स्थानीय लोगों ने स्थानीय विधायक और मौजूदा सरकार के साथ-साथ एलजी प्रशासन का शुक्रिया अदा किया है। एक स्थानीय गुलज़ार अहमद ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग थी कि यहां स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार हो। अब जिस तरह की सुविधा शुरू की गई है इसके चलते हमारे मरीज़ों को यहां से कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एक अन्य स्थानीय बशीरुद्दीन माग्रे ने कहा कि हमे बड़ी ख़ुशी है कि आधुनिक तकनीक वाला ओटी यहां शुरू हुआ है और अन्य सुविआधाएं रखी गई हैं। इससे पहले हमारे मरीज़ों को श्रीनगर रेफर किया जाता था जिससे मरीज़ के साथ साथ तमीरदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
बता दें, ओटी के साथ-साथ 10 गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बिस्तरों को भी चालू किया गया है जो चौबीस घंटे निगरानी और जीवन रक्षक हस्तक्षेप की ज़रूरत वाले मरीज़ों को गहन देखभाल सहायता प्रदान करते हैं। इसे स्थानीय लोगों के लिए खासकर आपात स्थिति के दौरान एक बेहद ज़रूरी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा स्त्री रोग विभाग जो 2014 की विनाशकारी बाढ़ के बाद असुरक्षित घोषित किए गए पुराने एसडीएच भवन में काम कर रहा था, अब नए ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कदम से प्रसूति और महिला स्वास्थ्य सेवा के लिए सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं वाली सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। साथ ही एसडीएच बिजबिहाड़ा की डायलिसिस इकाई ने पहले ही 100 सत्र पूरे कर लिए हैं जिससे न केवल अनंतनाग बल्कि आसपास के इलाकों के मरीज़ों को भी सुविधा मिल रही है और दूर-दराज के अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम हो रही है।