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कमजोर समूहों की पहचान करके टीबी चिकित्सा देखभाल मजबूत बनाएं : स्वास्थ्य मंत्री
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स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने वीरवार को विभागीय अधिकारियों के साथ जम्मू कश्मीर में 100 दिवसीय
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जम्मू। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए जिला उपायुक्तों से संबंधित जिलों में कमजोर समूहों की पहचान करके टीबी का जल्द पता लगाकर चिकित्सा देखभाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इसके साथ टीबी मुक्त जिलों में नियमित लगातार जांच, सक्रिय निगरानी करके टीबी के दोबारा उभरने को रोका जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने वीरवार को विभागीय अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उपायुक्तों और संबंधित सीएमओ को विशेष रूप से गोल्ड जोन जिलों में जांच और प्रारंभिक पहचान गतिविधियों को तेज करने को कहा। सभी जिलों को टीबी मुक्त बनाने के लिए उचित प्रयास किए जाएं। स्वास्थ्य अधिकारी और जिला प्रशासक स्क्रीनिंग की आवृत्ति बढ़ाने के साथ आक्रामक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करें। इस बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ाई जाए। पीआरआई, यूएलबी और स्थानीय धार्मिक प्रचारकों को अभियान में शामिल करके इसकी पहुंच दूरदराज क्षेत्रों तक की जाए। टीबी परीक्षण के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच करने के लिए मोबाइल परीक्षण वैन की तैनाती की जाए। एमडी एनएचएम ने बताया कि उन्मूलन प्रयासों में तेजी लाकर 2025 तक टीबी मुक्त भारत प्राप्त की कोशिशें तेज की गई हैं।
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नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जाए
स्वास्थ्य मंत्री ने उपायुक्तों को कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने को कहा। नशीले पदार्थों के खतरे को खत्म करने के लिए सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और आम जनता को शामिल करते हुए एक सहयोगी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के मूल कारणों और परिणामों दोनों को संबोधित करके, सरकार का लक्ष्य जम्मू और कश्मीर के लिए स्वस्थ और अधिक समृद्ध भविष्य को बढ़ावा देना है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने वीरवार को विभागीय अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उपायुक्तों और संबंधित सीएमओ को विशेष रूप से गोल्ड जोन जिलों में जांच और प्रारंभिक पहचान गतिविधियों को तेज करने को कहा। सभी जिलों को टीबी मुक्त बनाने के लिए उचित प्रयास किए जाएं। स्वास्थ्य अधिकारी और जिला प्रशासक स्क्रीनिंग की आवृत्ति बढ़ाने के साथ आक्रामक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करें। इस बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ाई जाए। पीआरआई, यूएलबी और स्थानीय धार्मिक प्रचारकों को अभियान में शामिल करके इसकी पहुंच दूरदराज क्षेत्रों तक की जाए। टीबी परीक्षण के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच करने के लिए मोबाइल परीक्षण वैन की तैनाती की जाए। एमडी एनएचएम ने बताया कि उन्मूलन प्रयासों में तेजी लाकर 2025 तक टीबी मुक्त भारत प्राप्त की कोशिशें तेज की गई हैं।
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नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जाए
स्वास्थ्य मंत्री ने उपायुक्तों को कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने को कहा। नशीले पदार्थों के खतरे को खत्म करने के लिए सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और आम जनता को शामिल करते हुए एक सहयोगी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के मूल कारणों और परिणामों दोनों को संबोधित करके, सरकार का लक्ष्य जम्मू और कश्मीर के लिए स्वस्थ और अधिक समृद्ध भविष्य को बढ़ावा देना है।
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