फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: हाईकोर्ट ने अवैध खनन को रोकने की मांग वाली याचिका बंद की

विज्ञापन
jammu kashmir news
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका को बंद कर दिया है। इसमें जम्मू-कश्मीर में अवैध खनन को रोकने और प्रतिबंधित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई थी।
विज्ञापन

एनजीओ ‘पीपुल्स फोरम’ ने 2016 में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, खनिज रियायत नियम 1960 और खनिज संरक्षण और विकास नियम 1988 के प्रवर्तन की भी मांग की गई थी। कहा गया था कि पंजीकृत और योग्य प्रबंधकों की वैधानिक आवश्यकता का अधिकारियों द्वारा अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्तान और न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता की खंडपीठ ने कहा, बार में प्रस्तुत किए गए प्रस्तुतीकरणों पर विचार करने और फाइल पर मौजूद दलीलों को देखने के बाद हम इस दृढ़ राय पर पहुंचे हैं कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, खनिज रियायत नियम, 1960 और खनिज संरक्षण एवं विकास नियम, 1988 के कार्यान्वयन के संबंध में याचिकाकर्ता द्वारा रिट याचिका में उठाए गए मुद्दों पर प्रतिवादियों (प्राधिकारियों) द्वारा उचित ध्यान दिया जा रहा है। इसके मद्देनजर याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे अब अस्तित्व में नहीं हैं। इसलिए वर्तमान जनहित याचिका में आगे कोई कार्यवाही आयोजित करने की आवश्यकता नहीं है, जिसे तदनुसार बंद किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, न्यायालय ने एनजीओ को भविष्य में संबंधित अधिकारियों के समक्ष किसी भी मुद्दे को उठाने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया। जनहित याचिका को बंद करते हुए डिवीजन बेंच ने जुलाई 2019 में अदालत के निर्देशों के अनुपालन में सरकारी उद्योग और वाणिज्य विभाग के अवर सचिव द्वारा दायर एक रिपोर्ट का उल्लेख किया।

अनुपालन रिपोर्ट में अदालत ने कहा, सरकार ने प्रस्तुत किया कि विभाग ने प्रत्येक जिले में जिला खनिज अधिकारी नियुक्त किए हैं। ये अधिकारी निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं कि उनके संबंधित जिलों में खनन गतिविधियां अधिनियमों और नियमों के अनुसार चल रही हैं। इसमें कहा गया है कि विभाग द्वारा खदान मालिकों और श्रमिकों के बीच संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं। अनुपालन रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में “बहु विभागीय जिला स्तरीय टास्क फोर्स सेल” का भी गठन है। इसमें कहा गया है कि विभाग द्वारा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी करने के अलावा खनन कार्यों को निलंबित करने के निर्देश देकर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed