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कर्मचारियों के बर्खास्तगी मामलों की समीक्षा करे सरकार : महबूबा
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श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उपराज्यपाल द्वारा सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी के मामलों की समीक्षा करने को कहा। मुफ्ती ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लिखा, मैं एक समीक्षा समिति की स्थापना का प्रस्ताव करती हूं जो ऐसे मामलों का व्यवस्थित तरीके से पुनर्मूल्यांकन कर सके।
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित समिति प्रत्येक मामले की निष्पक्ष और गहन समीक्षा करके बर्खास्तगी के पुनर्मूल्यांकन की दिशा में काम कर सकती है जिससे प्रभावित व्यक्तियों या उनके परिवारों को अपना पक्ष रखने का मौका मिल सके।
उन्होंने नजीर अहमद वानी का उदाहरण दिया, जो तहसीलदार के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने पत्र में लिखा, वानी को अनुच्छेद 311 के तहत बर्खास्तगी, यूएपीए के तहत गिरफ्तारी और कई वर्षों तक कारावास का सामना करना पड़ा, इससे पहले कि अदालतों ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। 27 अक्तूबर को हृदयाघात से उनका निधन हो गया।
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पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित समिति प्रत्येक मामले की निष्पक्ष और गहन समीक्षा करके बर्खास्तगी के पुनर्मूल्यांकन की दिशा में काम कर सकती है जिससे प्रभावित व्यक्तियों या उनके परिवारों को अपना पक्ष रखने का मौका मिल सके।
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उन्होंने नजीर अहमद वानी का उदाहरण दिया, जो तहसीलदार के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने पत्र में लिखा, वानी को अनुच्छेद 311 के तहत बर्खास्तगी, यूएपीए के तहत गिरफ्तारी और कई वर्षों तक कारावास का सामना करना पड़ा, इससे पहले कि अदालतों ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। 27 अक्तूबर को हृदयाघात से उनका निधन हो गया।
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