फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: Chinese telecommunication equipment meant for the Pakistani army has reached the hands of terro

Jammu Kashmir: पाक सेना के लिए आए चीनी दूरसंचार उपकरण जम्मू-कश्मीर में आतंकियाें के हाथों में पहुंचे

Mon, 24 Jun 2024 05:54 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Mon, 24 Jun 2024 05:54 AM IST
सार

चीनी कंपनियों द्वारा पाकिस्तानी सेना के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए इन विशेष हैंडसेट को 17-18 जुलाई, 2023 की रात जम्मू संभाग के पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में हुई मुठभेड़ और इस साल 26 अप्रैल को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में हुई मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया है।

विज्ञापन
Jammu Kashmir: Chinese telecommunication equipment meant for the Pakistani army has reached the hands of terro
सुरक्षाबल (फाइल) - फोटो : एजेंसी

विस्तार

पाकिस्तानी सेना के लिए आए चीनी दूरसंचार उपकरण जम्मू-कश्मीर में आतंकियों तक पहुंचाए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ हुईं दो मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अत्यधिक एन्क्रिप्टेड चीनी दूरसंचार उपकरण अल्ट्रा सेट जब्त किए हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इससे नियंत्रण रेखा पर उस पार से हो रही घुसपैठ और जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की मौजूदगी बड़ी चुनौती बन गई है। आतंकी समूहों को पाकिस्तान में प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें हथियार व गोला-बारूद मुहैया करवाए जा रहे हैं।

विज्ञापन


चीनी कंपनियों द्वारा पाकिस्तानी सेना के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए इन विशेष हैंडसेट को 17-18 जुलाई, 2023 की रात जम्मू संभाग के पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में हुई मुठभेड़ और इस साल 26 अप्रैल को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में हुई मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया है। सुरनकोट मुठभेड़ में चार विदेशी आतंकवादी मारे गए थे, जबकि सोपोर में दो दहशतगर्दों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।

विज्ञापन

पीर पंजाल क्षेत्र के दक्षिण में पाए गए अल्ट्रा सेट हैंडसेट सेलफोन क्षमताओं को विशेष रेडियो उपकरणों के साथ जोड़ते हैं, जो ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल (जीएसएम) या कोड-डिवीजन मल्टीपल एक्सेस (सीडीएमए) जैसी पारंपरिक मोबाइल तकनीकों पर निर्भर नहीं होते हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह डिवाइस संदेश प्रसारण के लिए रेडियो तरंगों पर काम करती है, जिसमें प्रत्येक अल्ट्रा सेट सीमा पार स्थित एक नियंत्रण स्टेशन से जुड़ा होता है।

एलओसी पर पाकिस्तानी सेना की रक्षा क्षमता बढ़ा रहा चीन

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, चीन पिछले कुछ समय से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सेना की रक्षा क्षमताओं को बढ़ा रहा है। इसमें स्टील हेड बंकरों का निर्माण, मानव रहित हवाई व लड़ाकू हवाई वाहनों की व्यवस्था, एन्क्रिप्टेड संचार टावरों की स्थापना और भूमिगत फाइबर केबल बिछाना शामिल है। लक्ष्य का पता लगाने की क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए जेवाई और एचजीआर शृंखला जैसे चीनी रडार सिस्टम तैनात किए गए हैं। जबकि एलओसी से सटे कई इलाकों में एसएच-15 ट्रक-माउंटेड हॉवित्जर जैसे उन्नत हथियार भेजे गए हैं।

विज्ञापन

पीओके की लीपा घाटी में बंकरों सुरंगों का किया जा रहा निर्माण

इन नापाक मंसूबों को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चीन के रणनीतिक हितों को मजबूत करने के रूप में माना जा रहा है। विशेष रूप से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के संबंध में। हालांकि अग्रिम चौकियों पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी का पता नहीं चला, लेकिन इंटरसेप्ट किए गए संचार से पता चलता है कि चीनी सैनिक और इंजीनियर नियंत्रण रेखा के पास बुनियादी ढांचे के विकास में शामिल हैं, जिसमें पीओके की लीपा घाटी में बंकरों और सुरंगों का निर्माण शामिल है। माना जाता है कि ये गतिविधियां पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और चीन के झिंजियांग प्रांत के बीच कराकोरम राजमार्ग के माध्यम से एक सीधा मार्ग स्थापित करने में सहायक हैं, जो चीनी कब्जे वाला क्षेत्र है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed