World Cancer Day 2021: बंद कमरे में धूम्रपान परिवार के अन्य सदस्यों को भी दे रहा कैंसर
- जम्मू-कश्मीर के ठंडे इलाकों में एक ही परिवार से ज्यादा मामले सामने आ रहे
- जम्मू संभाग में हर साल औसतन 2000 नए मरीज
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अगर आप बंद कमरे में धूम्रपान करते हैं तो सचेत हो जाइए। यह आदत आपके परिवार को कैंसर की गिरफ्त में ला सकती है। जम्मू-कश्मीर के ठंडे इलाकों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कैंसर पीड़ित के परिवार से कुछ अन्य सदस्य भी कैंसर से ग्रस्त पाए गए हैं।
जम्मू संभाग में ही दस जिलों से हर साल औसतन दो हजार नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। प्रदेश में पिछले दस सालों में सैकड़ों मरीजों की जान जा चुकी है। कैंसर के नए मामले मिलने में जम्मू जिला सबसे ऊपर है। इसके बाद कठुआ, राजोरी, उधमपुर, सांबा आदि जिले भी प्रभावित हैं। नए मामलों में पाया गया है कि जिन घरों में नियमित रूप से बंद कमरों में अधिक धूम्रपान हो रहा है वहां धूम्रपान करने वाले के साथ परिवार के अन्य सदस्यों में भी कैंसर रोग मिला है।
खासतौर पर महिलाओं में गले और फेफड़े के कैंसर के मामले मिल रहे हैं। क्षेत्रीय कैंसर संस्थान जीएमसी के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि पैसिव स्मोकिंग करने से शरीर पर गहरा असर पड़ता है। जिला डोडा, किश्तवाड़, पुंछ सहित कश्मीर के अधिकतर जिलों में सर्दी से बचने के लिए लोग धूम्रपान का अधिक शौक रखते हैं।
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बाहर ठंड रहती है और यह लोग बंद कमरे में बीड़ी-सिगरेट सुलगाते हैं। धूम्रपान करने वाले के साथ इसका असर आसपास मौजूद अन्य सदस्यों पर पड़ता है, जिससे कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, कश्मीर में फूड पाइप का कैंसर बढ़ा है। पुरुषों में औसतन 40 से 60 और महिलाओं में 35 से 55 वर्ष में कैंसर की शिकायत बढ़ी है।
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पुरुष फेफड़े और महिलाएं स्तन कैंसर से पीड़ित
जीएमसी में पहुंचने वाले अधिकांश कैंसर के मामलों में पुरुषों में अधिकतर फेफड़े और महिलाओं में स्तन कैंसर पाया गया है। फेफड़े में कैंसर होने का मुख्य कारण नियमित रूप से धूम्रपान करना है। इसके अलावा पुरुषों में गले, फूड पाइप और लिवर का कैंसर भी बढ़ा है। इसमें तंबाकू युक्त पदार्थ भी कारण हैं। महिलाओं में बच्चों को कम स्तनपान करवाना स्तन कैंसर का कारण बन रहा है। एक मां को कम से कम तीन साल स्तनपान करवाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में अधिकांश महिलाएं तीन माह ही स्तनपान करवा रही हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र दोनों प्रभावित
नए कैंसर के मामलों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र दोनों ही प्रभावित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरीकरण बढ़ने से गंभीर बीमारियों का विस्तार हो रहा है। धूम्रपान, तंबाकू, कम स्तनपान सहित अन्य कारणों से पुरुष और महिलाएं कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।
जीएमसी में हर साल पंजीकृत मरीज
2015 1864
2016 1964
2017 1858
2018 2335
2019 2098
2020 1727 (कोविड से कम पंजीकृत हुए)