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फसल बीमा योजना किसानों के हित में नहीं : किसान
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परगवाल में किसान ज्ञापन सौंपते हुये।संवाद
- फोटो : samba news
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में शुक्रवार को किसानों ने तहसील परिसर पहुंचकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि यह योजना किसानों के हित में कम और पैसा खाने का जरिया अधिक बनती जा रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर साल प्रीमियम तो समय पर काट लिया जाता है लेकिन जब फसल को नुकसान होता है तो मुआवजा मिलने में देरी या फिर नाममात्र की राशि दी जाती है। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
किसानों का कहना है कि हाल ही में हुई बारिश और तेज हवाओं से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है लेकिन कंपनी का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनका हाल जानने नहीं आया। किसानों ने कहा कि पिछले अनुभवों को देखते हुए उन्हें बीमा क्लेम मिलने की उम्मीद बहुत कम है।
ज्यादातर किसानों का तर्क था कि अगस्त महीने में बारिश के साथ आई बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। किसानों की धान की लहराती फसल पूरी तरह से तबाह हो गई। खेतों में पानी भरने से फसल तो बर्बाद हुई ही कईं जगह खेतों में रेत और पत्थर भरने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इतना समय गुजर जाने के बाद भी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मुआवजा राशि से वंचित हैं।
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किसानों ने संबंधित विभाग से फसल बीमा योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाए जाने और किसानों को समय पर और उचित मुआवजा दिये जाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर पूर्व सरपंच राम सरूप शर्मा, कुलबीर सिंह, रमेश सिंह, सुरजीत सिंह, सुखदेव सिंह, अशोक खजूरिया, नरेन्द्र सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।
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किसानों का कहना है कि हाल ही में हुई बारिश और तेज हवाओं से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है लेकिन कंपनी का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनका हाल जानने नहीं आया। किसानों ने कहा कि पिछले अनुभवों को देखते हुए उन्हें बीमा क्लेम मिलने की उम्मीद बहुत कम है।
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ज्यादातर किसानों का तर्क था कि अगस्त महीने में बारिश के साथ आई बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। किसानों की धान की लहराती फसल पूरी तरह से तबाह हो गई। खेतों में पानी भरने से फसल तो बर्बाद हुई ही कईं जगह खेतों में रेत और पत्थर भरने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इतना समय गुजर जाने के बाद भी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मुआवजा राशि से वंचित हैं।
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किसानों ने संबंधित विभाग से फसल बीमा योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाए जाने और किसानों को समय पर और उचित मुआवजा दिये जाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर पूर्व सरपंच राम सरूप शर्मा, कुलबीर सिंह, रमेश सिंह, सुरजीत सिंह, सुखदेव सिंह, अशोक खजूरिया, नरेन्द्र सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।