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Jammu News: एलजी साहब हमारे घरों को बचा लीजिए
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चिनाब के जलस्तर से हो रहा कटाव।
- फोटो : jyodian news
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ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र के वे गांव जो चिनाब दरिया के तट पर स्थित हैं। वहां के लोगों ने दरिया चिनाब के जलस्तर से हो रहे भू कटाव को रोकने के लिए चिनाब को चैनलाइज कर नहर का रूप देने की मांग की है। इन गांवों में दानपुर, दतेयाल, गरमाई, बकोर इन्द्री आदि शामिल हैं।
लोगों ने दरिया चिनाब के तट पर पहुंच कर बरसात के मौसम में चिनाब के जलस्तर से हुये भू कटाव को देखकर दुख जताया। उन्होंने केन्द्र सरकार और एलजी मनोज सिन्हा से भू कटाव रोकने के लिए ठोस प्रयास करने की मांग की। इस मौके पर गांव के बच्चे और महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने हाथों में तख्तियां पकड़ रखी थीं। इन पर लिखा था... एलजी साहब हमारे घरों को बचा लीजिए, पीएम मोदी साहब हमारे मकानों को बचा लीजिए।
लोगों ने बताया कि हमारी सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि भू कटाव से चिनाब में समा गई है। हर बरसात के मौसम में भू कटाव होता है। कटाव के चलते चिनाब दरिया गांवों की तरफ बढ़ रहा है। पिछले साल बरसात में गांव बकोर का सरकारी मिडिल स्कूल भी चिनाब में बाढ़ के कारण ढह गया। इसके बावजूद कोई उचित कदम नहीं उठाया गया।
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लोगों ने बताया कि उनका गांव बकोर, दानपुर, दतयाल तथा गरजाल आज से लगभग 20 साल पहले दरिया चिनाब से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर थे लेकिन हर बरसात के मौसम में चिनाब के जलस्तर से हो रहे कटाव से यह सभी मात्र सौ मीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं। गांव बकोर में तो चिनाब गांव के भीतर पैर पसार चुका है। इससे अन्य गांव भी खतरे में हैं। जिन लोगों के मकान दरिया के नजदीक हैं वह लोग डरे सहमे रहते हैं। उन्होंने सरकार तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग से मांग की कि दरिया चिनाब को दोनों तरफ से चैनलाइज कर नहर का रूप दे दिया जाए ताकि दरिया में समा रही उपजाऊ भूमि को बचाया जा सके।
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लोगों ने दरिया चिनाब के तट पर पहुंच कर बरसात के मौसम में चिनाब के जलस्तर से हुये भू कटाव को देखकर दुख जताया। उन्होंने केन्द्र सरकार और एलजी मनोज सिन्हा से भू कटाव रोकने के लिए ठोस प्रयास करने की मांग की। इस मौके पर गांव के बच्चे और महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने हाथों में तख्तियां पकड़ रखी थीं। इन पर लिखा था... एलजी साहब हमारे घरों को बचा लीजिए, पीएम मोदी साहब हमारे मकानों को बचा लीजिए।
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लोगों ने बताया कि हमारी सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि भू कटाव से चिनाब में समा गई है। हर बरसात के मौसम में भू कटाव होता है। कटाव के चलते चिनाब दरिया गांवों की तरफ बढ़ रहा है। पिछले साल बरसात में गांव बकोर का सरकारी मिडिल स्कूल भी चिनाब में बाढ़ के कारण ढह गया। इसके बावजूद कोई उचित कदम नहीं उठाया गया।
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लोगों ने बताया कि उनका गांव बकोर, दानपुर, दतयाल तथा गरजाल आज से लगभग 20 साल पहले दरिया चिनाब से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर थे लेकिन हर बरसात के मौसम में चिनाब के जलस्तर से हो रहे कटाव से यह सभी मात्र सौ मीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं। गांव बकोर में तो चिनाब गांव के भीतर पैर पसार चुका है। इससे अन्य गांव भी खतरे में हैं। जिन लोगों के मकान दरिया के नजदीक हैं वह लोग डरे सहमे रहते हैं। उन्होंने सरकार तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग से मांग की कि दरिया चिनाब को दोनों तरफ से चैनलाइज कर नहर का रूप दे दिया जाए ताकि दरिया में समा रही उपजाऊ भूमि को बचाया जा सके।