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चमलियाल मेला : युवाओं ने संभाली सफाई की कमान
Thu, 28 May 2026 02:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 28 May 2026 02:14 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के रामगढ़ सेक्टर के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन के निकट स्थित ऐतिहासिक दरगाह बाबा चमलियाल में लगने वाले वार्षिक मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
दरगाह परिसर में रंग-रोगन और साफ-सफाई का कार्य लगातार जारी है जिसमें सीमा से सटे गांवों के युवा बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। प्रबंधक कमेटी के बिलू चौधरी ने कहा कि उनके युवा हर वर्ष बिना किसी भेदभाव के बाबा चमलियाल मेले में सहयोग देते हैं और इस बार भी पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।
इस बीच कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने भी दरगाह पहुंचकर मेले की तैयारियों और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं प्रबंधक कमेटी ने बताया कि मेले को सफल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पहले से ही सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चमलियाल दरगाह में हर वर्ष जून माह के अंतिम बुधवार को मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मान्यता है कि जिन लोगों को चमड़ी संबंधी रोग या चंबल की शिकायत होती है, वह यहां से मिलने वाला पवित्र शक्कर और शरबत लेकर उसे शरीर पर लेप करते हैं जिससे उन्हें लाभ मिलता है।
कई श्रद्धालु 40 दिनों तक यहां रहकर शरीर पर शक्कर शरबत का लेप करते हैं। मेले के बाद अपने घरों को रवाना होते हैं प्रबंधक कमेटी की ओर से उनके लिए सभी प्रबंध किए जाते हैं। जिला प्रशासन ने भी आंकलन किया।
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सांबा। जिले के रामगढ़ सेक्टर के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन के निकट स्थित ऐतिहासिक दरगाह बाबा चमलियाल में लगने वाले वार्षिक मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
दरगाह परिसर में रंग-रोगन और साफ-सफाई का कार्य लगातार जारी है जिसमें सीमा से सटे गांवों के युवा बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। प्रबंधक कमेटी के बिलू चौधरी ने कहा कि उनके युवा हर वर्ष बिना किसी भेदभाव के बाबा चमलियाल मेले में सहयोग देते हैं और इस बार भी पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।
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इस बीच कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने भी दरगाह पहुंचकर मेले की तैयारियों और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं प्रबंधक कमेटी ने बताया कि मेले को सफल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पहले से ही सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चमलियाल दरगाह में हर वर्ष जून माह के अंतिम बुधवार को मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मान्यता है कि जिन लोगों को चमड़ी संबंधी रोग या चंबल की शिकायत होती है, वह यहां से मिलने वाला पवित्र शक्कर और शरबत लेकर उसे शरीर पर लेप करते हैं जिससे उन्हें लाभ मिलता है।
कई श्रद्धालु 40 दिनों तक यहां रहकर शरीर पर शक्कर शरबत का लेप करते हैं। मेले के बाद अपने घरों को रवाना होते हैं प्रबंधक कमेटी की ओर से उनके लिए सभी प्रबंध किए जाते हैं। जिला प्रशासन ने भी आंकलन किया।