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पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए : कुंजल
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सांबा। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को आम जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री यशपाल कुंडल ने केंद्र सरकार से पेट्रोलियम उत्पादों को तत्काल जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाया है कि चुनाव के दिनों में लोगों के साथ झूठे वादे किए थे। अब उन्हें महंगाई के दलदल में फंसाया जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि पिछले दस दिनों में तीन बार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से राशन, सब्जियां, दूध, दवाइयां और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं भी महंगी हो जाती हैं। इससे महंगाई की मार सीधे हर घर तक पहुंचती है।
कुंडल ने कहा कि देश के कई हिस्सों में इस समय कृषि कार्य, फसल परिवहन और आगामी बुवाई की तैयारियां चल रही हैं, जहां डीजल का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे समय में डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि किसानों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है। खेती की लागत बढ़ने से पहले से आर्थिक दबाव झेल रहा किसान और अधिक कर्ज के बोझ तले दबेगा।
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उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के अंतर्गत लाने से देशभर में ईंधन की कीमतों में लगभग 25 से 30 रुपये प्रति लीटर तक कमी संभव है। इससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी, महंगाई पर नियंत्रण लगेगा और परिवहन सहित खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी कमी आएगी।
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पूर्व मंत्री ने कहा कि पिछले दस दिनों में तीन बार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से राशन, सब्जियां, दूध, दवाइयां और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं भी महंगी हो जाती हैं। इससे महंगाई की मार सीधे हर घर तक पहुंचती है।
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कुंडल ने कहा कि देश के कई हिस्सों में इस समय कृषि कार्य, फसल परिवहन और आगामी बुवाई की तैयारियां चल रही हैं, जहां डीजल का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे समय में डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि किसानों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है। खेती की लागत बढ़ने से पहले से आर्थिक दबाव झेल रहा किसान और अधिक कर्ज के बोझ तले दबेगा।
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उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के अंतर्गत लाने से देशभर में ईंधन की कीमतों में लगभग 25 से 30 रुपये प्रति लीटर तक कमी संभव है। इससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी, महंगाई पर नियंत्रण लगेगा और परिवहन सहित खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी कमी आएगी।