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Jammu News: आठ कमरों का पीएचसी अब सिर्फ एक कमरे में सिमटा
Sun, 15 Feb 2026 02:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 15 Feb 2026 02:22 AM IST
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ढाई साल पहले पीएचसी की इमारत को कर दिया असुरक्षित घोषित
सांबा। जिले के सीमावर्ती गांव बैनगलाड़ में स्वास्थ्य विभाग के पीएचसी की इमारत असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद पीएचसी गत ढाई वर्ष पंचायत घर के एक कमरे में चल रहा है। इसने जहां आम लोगों को परेशानी बनी हुई है वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी परेशान रहते हैं।
पूर्व सरपंच रामपाल शर्मा, कमलजीत चौधरी, राहुल व सुमित ने कहा कि उन के गांव को स्वास्थ्य केंद्र में सात गांवों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलता रहा है। स्वास्थ्य केंद्र की इमारत खस्ता हालत होने से उसे असुरक्षित कर दिया था।
बाद में स्वास्थ्य केंद्र को पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया गया। वहां पर एक ही कमरा है जिस में डॉक्टर बैठता है उसी कमरे में मरीजों का चेकअप किया जाता है। यही नहीं दवा रखने के लिए भी कमरों का अभाव है।
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कोट
इस बारे में कई बार जिला प्रशासन को अपनी समस्या के प्रति अवगत करवाया गया है लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया है। उनके अनुसार स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि भी है इमारत को बनाए जाने के लिए फंड ही उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इसको लेकर आम लोगों में भी रोष बना हुआ है।
बैनगलाड़ के स्वास्थ्य केंद्र की इमारत के फंड के लिए डीपीआर बन चुकी है। आगामी वर्ष में इमारत बनाई जानी है। इस के लिए हमारे प्रयास जारी हैं।
-डॉ. ऋचा अरोड़ा, बीएमओ
स्वास्थ्य विभाग नड़ सांबा
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सांबा। जिले के सीमावर्ती गांव बैनगलाड़ में स्वास्थ्य विभाग के पीएचसी की इमारत असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद पीएचसी गत ढाई वर्ष पंचायत घर के एक कमरे में चल रहा है। इसने जहां आम लोगों को परेशानी बनी हुई है वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी परेशान रहते हैं।
पूर्व सरपंच रामपाल शर्मा, कमलजीत चौधरी, राहुल व सुमित ने कहा कि उन के गांव को स्वास्थ्य केंद्र में सात गांवों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलता रहा है। स्वास्थ्य केंद्र की इमारत खस्ता हालत होने से उसे असुरक्षित कर दिया था।
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बाद में स्वास्थ्य केंद्र को पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया गया। वहां पर एक ही कमरा है जिस में डॉक्टर बैठता है उसी कमरे में मरीजों का चेकअप किया जाता है। यही नहीं दवा रखने के लिए भी कमरों का अभाव है।
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इस बारे में कई बार जिला प्रशासन को अपनी समस्या के प्रति अवगत करवाया गया है लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया है। उनके अनुसार स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि भी है इमारत को बनाए जाने के लिए फंड ही उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इसको लेकर आम लोगों में भी रोष बना हुआ है।
बैनगलाड़ के स्वास्थ्य केंद्र की इमारत के फंड के लिए डीपीआर बन चुकी है। आगामी वर्ष में इमारत बनाई जानी है। इस के लिए हमारे प्रयास जारी हैं।
-डॉ. ऋचा अरोड़ा, बीएमओ
स्वास्थ्य विभाग नड़ सांबा