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Jammu News: गर्मी की मार से सब्जियों के दाम बढ़े, 30 प्रतिशत तक हुई बढ़ोतरी
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सांबा। जून महीने में गर्मी बढ़ने से किसानों की खेतों में लगी सब्जी की फसल पर असर पड़ रहा है। सब्जी के पौधे गर्मी के कारण मुरझाने लगे हैं, इससे पैदावार कम हुई है। गर्मी के कारण बाहरी राज्यों से आने वाली सब्ज़ी ढुलाई के दौरान खराब होने से भी दाम बढ़ गए हैं। सब्जियों के दाम बढ़ने से लोग और महिलाएं परेशान हैं।
स्थानीय महिला अनु देवी, वर्षा देवी, शालू संबयाल, संध्या देवी, पूनम देवी व तान्या सिंह ने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ ही सांबा में सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। थोक और परचून के दामों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। महिलाओं ने कहा कि सांबा में दुकानदार कभी गर्मी बढ़ने तो कभी सर्दी और कभी बरसात का हवाला देकर सब्जी के दाम बढ़ा देते हैं। फल और सब्जियों के मूल्य निर्धारण और उनकी निगरानी के लिए किसी भी विभाग की कोई सक्रिय भूमिका जमीनी स्तर पर नहीं दिखती। सब्जियों के आसमान छूते दामों से लोग परेशान हैं।
महिलाओं के अनुसार दुकानों पर फल और सब्जियों के दाम भी प्रदर्शित नहीं किए गए हैं, जो नियमों की सरासर अनदेखी है। 30-40 रुपए किलो बिकने वाली भिंडी अब 60 से 70 रुपये किलो बिक रही है। 50-60 रुपये किलो बिकने वाली बींस 80 रुपये, 20-30 बिकने वाला टमाटर 40-50 रुपए, 80 रुपए किलो बिकने वाला नींबू 120 रुपए और 30-40 रुपये किलो बिकने वाला खीरा 60 से 70 रुपये किलो बिक रहा है। गृहणियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों को सब्जियों के मूल्य के निर्धारण के लिए एक समिति गठित करने की मांग की है जो थोक और परचून भाव तय करे।
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कोट
सब्जियों के दाम निर्धारण और निगरानी में उनके विभाग की कोई भूमिका नहीं है। दुकानदारों के लिए फल-सब्जी के दाम प्रदर्शित करना अनिवार्य है। अगर दुकानदार फल सब्जियों के दाम प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
-राहुल कुमार, सहायक निदेशक, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण विभाग
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स्थानीय महिला अनु देवी, वर्षा देवी, शालू संबयाल, संध्या देवी, पूनम देवी व तान्या सिंह ने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ ही सांबा में सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। थोक और परचून के दामों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। महिलाओं ने कहा कि सांबा में दुकानदार कभी गर्मी बढ़ने तो कभी सर्दी और कभी बरसात का हवाला देकर सब्जी के दाम बढ़ा देते हैं। फल और सब्जियों के मूल्य निर्धारण और उनकी निगरानी के लिए किसी भी विभाग की कोई सक्रिय भूमिका जमीनी स्तर पर नहीं दिखती। सब्जियों के आसमान छूते दामों से लोग परेशान हैं।
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महिलाओं के अनुसार दुकानों पर फल और सब्जियों के दाम भी प्रदर्शित नहीं किए गए हैं, जो नियमों की सरासर अनदेखी है। 30-40 रुपए किलो बिकने वाली भिंडी अब 60 से 70 रुपये किलो बिक रही है। 50-60 रुपये किलो बिकने वाली बींस 80 रुपये, 20-30 बिकने वाला टमाटर 40-50 रुपए, 80 रुपए किलो बिकने वाला नींबू 120 रुपए और 30-40 रुपये किलो बिकने वाला खीरा 60 से 70 रुपये किलो बिक रहा है। गृहणियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों को सब्जियों के मूल्य के निर्धारण के लिए एक समिति गठित करने की मांग की है जो थोक और परचून भाव तय करे।
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सब्जियों के दाम निर्धारण और निगरानी में उनके विभाग की कोई भूमिका नहीं है। दुकानदारों के लिए फल-सब्जी के दाम प्रदर्शित करना अनिवार्य है। अगर दुकानदार फल सब्जियों के दाम प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
-राहुल कुमार, सहायक निदेशक, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण विभाग