फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: तरोर लक्ष्मी नारायण मंदिर में 16 साल से चल रहा 24 घंटे लंगर

विज्ञापन
jammu kashmir news
तरोर आश्रम में विश्राम करते श्रद्धालु - फोटो : bari brahmana news
बाड़ी ब्राह्मणा। तरोर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के आश्रम में अमरनाथ यात्रा के दौरान पिछले 16 वर्षों से निरंतर चल रहा लंगर स्थानीय श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी राहत बन गया है। आश्रम के परिसर में चौबीसों घंटे लंगर की व्यवस्था के साथ-साथ विश्राम गृह और नहाने-धोने की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे हजारों श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर जाते हैं।
विज्ञापन

आश्रम की देखरेख स्वामी प्रकाशानंद करते हैं, जिनके मार्गदर्शन में आश्रम का सारा रखरखाव चलता है। श्रद्धालु अपनी इच्छा से सेवा डालते हैं और महिलाएं व पुरुष निष्काम भाव से सेवा-कार्य में लगे रहते हैं। दैनिक तौर पर दाल, चावल, रोटी, खीर और सब्जी जैसे विविध व्यंजन बनते हैं और एक समय में लगभग 700 श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था की जाती है।
विज्ञापन

आश्रम में नियमित रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित अनेक राज्यों से स्थायी तौर पर श्रद्धालुओं के जत्थे आकर रुकते हैं।

विधायक चंद्रप्रकाश गंगा भी समय-समय पर आश्रम में उपस्थित होकर अपनी सेवाएं देते हैं और प्रशासन से आश्रम का लगातार संपर्क बना रहता है, जिससे आवश्यक व्यवस्थाओं में सहायता मिलती रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वामी प्रकाशानंद ने बताया कि 16 साल पहले लंगर की शुरुआत दाल-चावल से हुई थी जो आज अनेक प्रकार के व्यंजनों तक विकसित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रीति के अनुसार लंगर शुरू करने से पहले गीता भवन आश्रम आरएस पुरा से दाल-चावल लाकर बाकी राशन में मिलाया जाता है और यात्रा के समापन तक राशन की कमी कभी नहीं रहती। स्वामी ने श्रद्धालुओं की निष्फल तन-मन-धन से की गई सेवाओं और भोलेनाथ की अपार कृपा को लंगर के सतत चलने का कारण बताया।


हिमाचल नालागढ़ के रहने वाले श्रद्धालु बलजीत सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान तरोर आश्रम में रुकते हैं। आश्रम में बिल्कुल घर जैसा माहौल रहता है। स्वामी जी की कार्य व्यवस्था मनमोहित कर लेती है। स्वामी जी श्रद्धालुओं के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। लंगर से लेकर यात्रियों को हर प्रकार की सुविधा के लिए प्रयासरत रहते हैं। जब तक श्रद्धालु यात्रा करके वापस नहीं आते फोन के माध्यम से उनके साथ संपर्क में रहते हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी जी के पास आकर माता-पिता जैसा प्रेम मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed