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Jammu News: तिरंगे में लौटा अखनूर का वीर सपूत, हजारों नम आंखों ने कमांडो अजय कुमार भगत को दी अंतिम विदाई
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अखनूर। देश सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पैरा-1 एसएफ के वीर कमांडो अजय कुमार भगत शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। तिरंगे में लिपटे वीर जवान का पार्थिव शरीर सुबह करीब 10:30 बजे हेलिकॉप्टर से अखनूर के रख मुठी स्थित सेना क्षेत्र पहुंचा। यहां सैन्य अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी से उनके पैतृक गांव नई बस्ती नड स्थित आवास लाया गया।
पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। गांव की गलियां और आसपास का क्षेत्र ‘अजय कुमार भगत अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। हजारों लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े रहे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों तक ने तिरंगे में लिपटे अजय कुमार को नम आंखों से सलाम किया।
घर पर पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद सबसे मार्मिक दृश्य देखने को मिला। पत्नी मनीषा भगत, मां कांता देवी और चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अजय कुमार चार बहनों के इकलौते भाई थे। करीब चार वर्ष पहले उनका विवाह हुआ था। इस घर में परिवार अपने बेटे और भाई के लौटने का इंतजार कर रहा था। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पहुंचा।
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करीब 12 बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और कमांडर की मौजूदगी में वीर कमांडो को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। सैन्य जवानों ने अपने साथी को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। सैन्य सम्मान की रस्मों के बीच माहौल गमगीन रहा और उपस्थित लोगों ने नम आंखों से अजय कुमार को अंतिम प्रणाम किया।
अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने पहुंचे अखनूर के विधायक मोहन लाल भगत ने कहा कि अजय कुमार भगत ने देश की रक्षा और सेवा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका बलिदान पूरे अखनूर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अजय कुमार भगत केवल अपने परिवार के बेटे और भाई नहीं थे, बल्कि पूरे अखनूर के वीर सपूत थे। देश के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा देता रहेगा। इस दुख की घड़ी में पूरा अखनूर शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।
विधायक ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वीर जवान की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अंतिम यात्रा में अखनूर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने रास्तेभर भारत माता की जय और अजय कुमार भगत अमर रहे के जयघोष लगाए। अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंची भीड़ ने एक स्वर में वीर जवान को श्रद्धांजलि दी।
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पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। गांव की गलियां और आसपास का क्षेत्र ‘अजय कुमार भगत अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। हजारों लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े रहे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों तक ने तिरंगे में लिपटे अजय कुमार को नम आंखों से सलाम किया।
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घर पर पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद सबसे मार्मिक दृश्य देखने को मिला। पत्नी मनीषा भगत, मां कांता देवी और चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अजय कुमार चार बहनों के इकलौते भाई थे। करीब चार वर्ष पहले उनका विवाह हुआ था। इस घर में परिवार अपने बेटे और भाई के लौटने का इंतजार कर रहा था। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पहुंचा।
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करीब 12 बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और कमांडर की मौजूदगी में वीर कमांडो को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। सैन्य जवानों ने अपने साथी को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। सैन्य सम्मान की रस्मों के बीच माहौल गमगीन रहा और उपस्थित लोगों ने नम आंखों से अजय कुमार को अंतिम प्रणाम किया।
अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने पहुंचे अखनूर के विधायक मोहन लाल भगत ने कहा कि अजय कुमार भगत ने देश की रक्षा और सेवा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका बलिदान पूरे अखनूर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अजय कुमार भगत केवल अपने परिवार के बेटे और भाई नहीं थे, बल्कि पूरे अखनूर के वीर सपूत थे। देश के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा देता रहेगा। इस दुख की घड़ी में पूरा अखनूर शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।
विधायक ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वीर जवान की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अंतिम यात्रा में अखनूर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने रास्तेभर भारत माता की जय और अजय कुमार भगत अमर रहे के जयघोष लगाए। अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंची भीड़ ने एक स्वर में वीर जवान को श्रद्धांजलि दी।