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Jammu News: युवाओं और बच्चों को दिया गया लाइव आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण
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अखनूर। जियो पोता घाट में द्वितीय बटालियन एसडीआरएफ जम्मू और सिविल डिफेंस टीम के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को विशेष आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, बच्चों और आम नागरिकों को आपदा के समय घबराने के बजाय सही प्रशिक्षण, जागरूकता और सूझबूझ के साथ परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस के अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न आपदा परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले बचाव उपायों और सुरक्षा तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। लाइव प्रदर्शन के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार, जल दुर्घटनाओं से बचाव तथा आपातकालीन स्थिति में संयम बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं और बच्चों ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी तकनीकों को नजदीक से समझा और व्यावहारिक रूप से सीखा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने और दूसरों की सहायता करने के तरीके भी बताए गए।
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सिविल डिफेंस से जुड़ी कुलदीप कौर ने कहा कि संस्था समय-समय पर इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और युवाओं व बच्चों को भविष्य की किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना है।
वहीं द्वितीय बटालियन एसडीआरएफ जम्मू के डीएसपी दिनेश गुप्ता ने कहा कि जियो पोता घाट में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में लोग आपदा के दौरान घबरा जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे समय में शांत रहकर सही निर्णय लेना बेहद जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। सही प्रशिक्षण और पूर्व जानकारी के माध्यम से किसी भी बड़ी दुर्घटना या आपदा के दौरान जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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मॉक ड्रिल के दौरान एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस के अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न आपदा परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले बचाव उपायों और सुरक्षा तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। लाइव प्रदर्शन के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार, जल दुर्घटनाओं से बचाव तथा आपातकालीन स्थिति में संयम बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं और बच्चों ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी तकनीकों को नजदीक से समझा और व्यावहारिक रूप से सीखा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने और दूसरों की सहायता करने के तरीके भी बताए गए।
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सिविल डिफेंस से जुड़ी कुलदीप कौर ने कहा कि संस्था समय-समय पर इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और युवाओं व बच्चों को भविष्य की किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना है।
वहीं द्वितीय बटालियन एसडीआरएफ जम्मू के डीएसपी दिनेश गुप्ता ने कहा कि जियो पोता घाट में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में लोग आपदा के दौरान घबरा जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे समय में शांत रहकर सही निर्णय लेना बेहद जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। सही प्रशिक्षण और पूर्व जानकारी के माध्यम से किसी भी बड़ी दुर्घटना या आपदा के दौरान जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।