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Jammu News: बुल्ले चक्क में बीएसएफ पोस्ट निर्माण पर विवाद, तहसीलदार ने ग्रामीणों व बीएसएफ में कराई सुलह
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अरनिया। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सुचेतगढ़ ब्लॉक की पंचायत सई खुर्द के सीमावर्ती गांव बुल्ले चक्क में सोमवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक नई अग्रिम चौकी (पोस्ट) बनाने के प्रयास का ग्रामीणों ने विरोध किया। खेतों में निर्माण कार्य के लिए मशीनरी उतरते ही ग्रामीण भड़क गए और काम रुकवाकर सीमा के पास ही धरना शुरू कर दिया। तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मंगलवार को राजस्व विभाग का कैंप गांव में लगाया जाएगा। इस किसी भी किसान की जमीन पोस्ट निर्माण के दायरे में आती है उसे मुआवजा देने की फाइल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक निर्माण स्थगित रहेगा।
सोमवार सुबह बीएसएफ की ओर से गांव बुल्ले चक्क के पास एक नई सुरक्षा चौकी का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी लगाई गई। ग्रामीणों के कृषि भूमि के समीप निर्माण कार्य शुरू होते ही किसान लामबंद हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी और भविष्य में उन्हें खेतों में जाने और फसल काटने में परेशानी होगी। आक्रोशित किसानों ने तुरंत मशीनरी को रुकवा दिया और वहीं जमीन पर बैठ गए।
ग्रामीणों की बढ़ती संख्या देख सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे देश की सुरक्षा के साथ हैं लेकिन उनकी रोजी-रोटी छीनकर या उन्हें परेशान कर निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार सुचेतगढ़ राहुल शर्मा तथा एसडीपीओ आरएस पुरा गुरमीत सिंह ने दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव कर रास्ता निकाला और मंगलवार से मुआवजे की फाइल तैयार करने के कैंप लगाए जाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। पूर्व सरपंच सरबजीत सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों के समर्थन में हैं, पर पहले मुआवजा मिलना चाहिए। पंचायत चंगिया के पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह ने 1965 व 1971 की युद्धवस्थाओं के विस्थापितों को जल्द मालिकाना हक दिलाने की सरकार से मांग दोहराई। इस मौके पर ग्रामीणों के पक्ष में कांग्रेस के नेता तरनजीत सिंह टोनी, पूर्व सरपंच तरेबा बलवीर कौर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे
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वर्जन
केंद्र द्वारा वर्ष 2022 से गांव बुले चक में बॉर्डर आउटपोस्ट बनाने का प्रावधान रखा है। इसके तहत कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। किसानों के कुछ मसाले सामने आए हैं जिनका निपटारा मंगलवार को एक कैंप के दौरान किया जाएगा।
- राहुल शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़।
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सहयोगी खबर
बॉर्डर के किसानों की समस्याएं का समाधान करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सीमांत गांव सुचेतगढ़ पहुंचे अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आरिफ ने किसानों की समस्याएं सुनी। मोहम्मद आरिफ को किसानों ने बताया कि 70 वर्ष से हमारी जमीनों का आज तक मालिकाना हक नहीं मिला। किसानों को सरकार की योजनाओं का फायदा भी नहीं मिल रहा। बैंक ऋण नहीं देती और किसान को सरकार की तरफ से मिलने वाली दो हजार की किस्त नहीं आ रही। किसानों की समस्या सुनने के बाद अपनी पार्टी के नेता ने कहा पार्टी के राज्य अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी के साथ भी चर्चा कर इन समस्याओं का समाधान कराने के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। इस मौके पर पूर्व सरपंच सर्वण लाल भगत, तारा चंद, अश्विनी कुमार, दीपक शर्मा, रमेश कुमार सोहनलाल आदि मौजूद थे।
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सोमवार सुबह बीएसएफ की ओर से गांव बुल्ले चक्क के पास एक नई सुरक्षा चौकी का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी लगाई गई। ग्रामीणों के कृषि भूमि के समीप निर्माण कार्य शुरू होते ही किसान लामबंद हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी और भविष्य में उन्हें खेतों में जाने और फसल काटने में परेशानी होगी। आक्रोशित किसानों ने तुरंत मशीनरी को रुकवा दिया और वहीं जमीन पर बैठ गए।
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ग्रामीणों की बढ़ती संख्या देख सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे देश की सुरक्षा के साथ हैं लेकिन उनकी रोजी-रोटी छीनकर या उन्हें परेशान कर निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार सुचेतगढ़ राहुल शर्मा तथा एसडीपीओ आरएस पुरा गुरमीत सिंह ने दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव कर रास्ता निकाला और मंगलवार से मुआवजे की फाइल तैयार करने के कैंप लगाए जाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। पूर्व सरपंच सरबजीत सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों के समर्थन में हैं, पर पहले मुआवजा मिलना चाहिए। पंचायत चंगिया के पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह ने 1965 व 1971 की युद्धवस्थाओं के विस्थापितों को जल्द मालिकाना हक दिलाने की सरकार से मांग दोहराई। इस मौके पर ग्रामीणों के पक्ष में कांग्रेस के नेता तरनजीत सिंह टोनी, पूर्व सरपंच तरेबा बलवीर कौर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे
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केंद्र द्वारा वर्ष 2022 से गांव बुले चक में बॉर्डर आउटपोस्ट बनाने का प्रावधान रखा है। इसके तहत कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। किसानों के कुछ मसाले सामने आए हैं जिनका निपटारा मंगलवार को एक कैंप के दौरान किया जाएगा।
- राहुल शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़।
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बॉर्डर के किसानों की समस्याएं का समाधान करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सीमांत गांव सुचेतगढ़ पहुंचे अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आरिफ ने किसानों की समस्याएं सुनी। मोहम्मद आरिफ को किसानों ने बताया कि 70 वर्ष से हमारी जमीनों का आज तक मालिकाना हक नहीं मिला। किसानों को सरकार की योजनाओं का फायदा भी नहीं मिल रहा। बैंक ऋण नहीं देती और किसान को सरकार की तरफ से मिलने वाली दो हजार की किस्त नहीं आ रही। किसानों की समस्या सुनने के बाद अपनी पार्टी के नेता ने कहा पार्टी के राज्य अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी के साथ भी चर्चा कर इन समस्याओं का समाधान कराने के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। इस मौके पर पूर्व सरपंच सर्वण लाल भगत, तारा चंद, अश्विनी कुमार, दीपक शर्मा, रमेश कुमार सोहनलाल आदि मौजूद थे।