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जम्मू-कश्मीर : प्रदेश के एक लाख अस्थायी कर्मी स्थानीय निकाय और पंचायती राज में होंगे शिफ्ट

Mon, 15 Mar 2021 02:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 15 Mar 2021 02:30 AM IST
सार

  • डीओपीटी के अधीन न आने वाले विभागों में हो सकते हैं समाहित 
  • नगर निगम, स्थानीय निकायों, जिला परिषद और इससे जुड़े अन्य विभागों में रखे जा सकते हैं

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Jammu kashmir News :  Preparation for adjustment of one lakh temporary personnel
जितेंद्र सिंह, पीएमओ राज्य मंत्री - फोटो : एएनआई

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में लगभग एक लाख अस्थायी कर्मियों के समायोजन की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार समायोजन का फार्मूला तय करने में जुटी हुई है। डीओपीटी के अधीन न आने वाले विभागों में इन्हें समायोजित किया जा सकता है। इसमें नगर निगम, स्थानीय निकाय, जिला परिषद और इससे जुड़े अन्य विभाग शामिल हैं। 

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सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों अस्थायी कर्मचारियों ने स्थायी किए जाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। राजभवन भी घेरने की कोशिश की थी। इस पर उप राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। उप राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस बारे में आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया था। 
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कर्मचारियों ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश से अस्थायी कर्मचारियों का ब्योरा मांगा था। स्थानीय प्रशासन ने सभी विभागों से ब्योरा तलब कर गृह मंत्रालय के पास भेज दिया है। 
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सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय राज्य सरकार की ओर से भेजे गए आंकड़ों का अध्ययन कर रहा है। इसमें अस्थायी कर्मचारियों की आयु, सेवा अवधि, मानदेय, सेवा शर्तों आदि का अध्ययन कर रहा है। इसी के आधार पर समायोजन का फार्मूला तय किया जा रहा है।

पीडीपी-भाजपा सरकार ने स्थायी करने का दिया था आश्वासन
पीडीपी-भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 में इन कर्मचारियों को स्थायी करने की घोषणा की थी। इसके तहत विभिन्न विभागों से आंकड़ा जुटाया गया था। तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू ने यह घोषणा करते हुए कहा था कि स्थायी किए गए ऐसे कर्मी सरकारी सेवा सहायक (गवर्नमेंट सर्विसेज असिस्टेंट्स) कहे जाएंगे। जनवरी 1994 में सरकार ने दैनिक वेतन भोगियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी। 

वित्त विभाग की अधिकार प्राप्त समिति ने 57979 मामलों को स्थायी करने के लिए हरी झंडी दी थी। इसमें सबसे अधिक पीएचई (अब जलशक्ति) व सिंचाई विभाग में 20319, वन-5774, कृषि व ग्रामीण विकास-3605, आवास-1362, उद्योग-1428, स्वास्थ्य-151 कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी, गृह व कुछ अन्य विभागों में भी अस्थायी कर्मचारी हैं। 


पिछली सरकारों की वजह से अस्थायी कर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ी है। अब केंद्र की भाजपा सरकार पिछली सरकारों के पापों को धोने का प्रयास कर रही है। अस्थायी कर्मियों के समायोजन का फार्मूला तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, पीएमओ राज्य मंत्री

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