Jammu Kashmir: नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने एक 15 साल की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति दी है। जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने मंगलवार को संबंधित मामले में सुनवाई के दौरान यह अनुमति दी। जज ने आदेश दिया कि पांच फरवरी को एक मेडिकल बोर्ड उक्त मामले में पीड़ित का मेडिकल करेगा। इसकी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को दी जाएगी। कहा कि पीड़िता का गर्भपात तत्काल प्रभाव से कराया जाएगा, लेकिन उसका डीएनए सैंपल भी लिया जाए।
यह भी पढ़ेंः घाटी में सुनाई देने लगा लाइट-कैमरा और एक्शन, बादशाह के साथ श्रीनगर में वीडियो शूट कर रही हैं शहनाज
इस दौरान जो भी इलाज होगा, उसको निशुल्क करना होगा और इसका खर्च जीएमसी प्रशासन उठाएगा। साथ ही लीगल सर्विस अथॉरिटी पीड़िता से संपर्क करेगी और मुआवजे की प्रक्रिया को शुरू करेगी। आरोप है कि पीड़िता को विकास भगवान नाम के आरोपी ने अगवा किया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया।
यह भी पढ़ेंः Weather बर्फबारी से गुलजार हुई 'जन्नत', 'चांदी की परत' से ढकी घाटी की तस्वीर देख लोग धोखा खा गए
पाक्सो एक्ट में जमानत अर्जी खारिज
रियासी कोर्ट के जज कमलेश पंडित ने मंगलवार को पाक्सो एक्ट के तहत एक आरोपी की जमानत अर्जी को खरिज कर दिया। बलविंदर सिंह पर पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी का जुर्म संगीन है। लिहाजा आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।