जम्मू-कश्मीर : आतंकी हमलों से सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की फिराक में है पाकिस्तान
- अनुच्छेद 370 हटने के बाद अमन बहाली से बढ़ी बौखलाहट
- आईएसआई के इशारे पर भाजपा नेता, हिंदुवादी संगठन आतंकियों के निशाने पर
- राजोरी, पुंछ व कठुआ में मंदिरों पर हो चुके हमले, चिनाब व पीरपंजाल इलाके ज्यादा संवेदनशील
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अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे आ रही शांति से बौखलाए पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दो मोर्चों पर काम करना शुरू कर दिया है। एक तो सुरक्षा बलों पर हमले कर घाटी में आतंकी वारदातों को बढ़ाया जाए, भाजपा नेताओं, आम नागरिकों और पंचायत प्रतिनिधियों को निशाना बनाया जाए। इससे घाटी में अमन बहाली के दावों को नकारा जा सके। दूसरा जम्मू संभाग में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने व दंगे की साजिश के तहत हिंदू नेताओं व हिंदू धर्मस्थलों को टारगेट कि या जाए। खासकर संवेदनशील चिनाब व पीरपंजाल के इलाके में माहौल खराब करने की साजिश रची गई है।
सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं कि आईएसआई के इशारे पर आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-ताइबा को छद्म संगठन खड़ा कर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का टास्क सौंपा गया है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर भी आईएसआई एजेंट सक्रिय हैं जो घाटी में अपने आकाओं के लगातार संपर्क में हैं। ये ग्रामीणों को साफ्ट टारगेट बना रहे हैं।
उन्हें प्रशिक्षित कर धार्मिक स्थलों और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जम्मू संभाग में पिछले सात महीने में राजोरी, पुंछ व कठुआ में तीन स्थानों पर धार्मिक स्थलों को या तो निशाना बनाया गया या फिर हमले की कोशिश की गई। राजोरी में भाजपा नेता जसबीर सिंह के घर ग्रेनेड हमला भी इसी साजिश का हिस्सा है ताकि राष्ट्रवादी ताकतें सीमावर्ती इलाकों में पैर न जमा सकें। लोगों में दहशत पैदा हो।
मंदिरों के शहर जम्मू को आईईडी से दहलाने की कई साजिशें नाकाम
मंदिरों के शहर जम्मू को आईईडी धमाकों से दहलाने की कई साजिशें नाकाम की जा चुकी हैं। लश्कर-ए-मुस्तफा (एलईएम) सरगना हिदायतुल्लाह मलिक समेत छह आतंकियों को इसी साजिश में दबोचा गया। नवगठित आतंकी संगठन लश्कर-ए -मुस्तफा प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का ही नया संगठन है। 14 फरवरी 2019 को लेथपोरा, पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद जांच एजेंसियों से बचने और जैश पर अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने के लिए लश्कर-ए-मुस्तफा को बनाया गया था।
जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन पर हमले से पहले 27 जून को एक आतंकी को पांच किलो आईईडी के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसने खुलासा किया था कि उसे मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसकी जांच में जुटी एनआईए ने गत 31 जुलाई को इस मामले में गिरफ्तार व्यक्ति के शोपियां और रामबन में छह ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए डिजिटल सबूत ओर आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी। पुलिस ने 13 जुलाई को इंदिरा चौक पर छह किलो आईईडी के साथ पकड़े गए आतंकी मददगार सुहेल बशीर को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट या किसी अन्य भीड़भाड़ वाले इलाके में धमाका करने का टास्क सौंपा गया था। पुलवामा का सुहेल पंजाब की एक यूनिवर्सिटी में नर्सिंग का छात्र था।
ड्रोन नई साजिश, अब तक 17 ड्रोन का चला पता
पाकिस्तान और उसके समर्थक आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए हमले और हथियार, आईईडी के साथ नशीली वस्तुओं की सप्लाई कर विध्वंस की नई साजिश रच रहे हैं। अभी तक हथियार, आईईडी और नशीली वस्तुओं को लाने वाले 17 ड्रोन का पुलिस पता लगा चुकी है। कुछ को नष्ट भी किया है।
धार्मिक स्थलों को कब-कब बनाया निशाना
- दिसंबर 2020: कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के जांडी गांव में किले वाली मंदिर पर ग्रेनेड हमला। निशाना चूकने से मंदिर को नुकसान नहीं। यहां पहले एसओजी का इंटेरोगेशन सेंटर व जेल थी। बाद में इसे शिफ्ट कर दिया गया।
- 28 दिसंबर 2020: पुंछ जिले में एलओसी के करीब मेंढर के अड़ी गांव में मंदिर पर ग्रेनेड हमले की साजिश। छह ग्रेनेड, पाकिस्तानी झंडे वाले गुब्बारे, लश्कर के नए संगठन जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स के पोस्टर बरामद। तीन आतंकी गिरफ्तार। सीमा पार के आकाओं ने हमले के तरीके का वीडियो भेजा था।
- 28 जनवरी 2021: राजोरी के चौकी मेरा में धार्मिक स्थल को बनाया निशाना। ग्रेनेड हमले से मंदिरकी दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी।
आतंकियों और उनके आकाओं की जम्मू संभाग में अमन-चैन बिगाड़ने और सांप्रदायिक माहौल में जहर खोलने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा बलों की पूरी नजर है। हर स्थिति से निपटने में सुरक्षा बल पूरी तरह सक्षम हैं।
- दिलबाग सिंह, डीजीपी