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Jammu kashmir News : एलजी सिन्हा ने कहा-  युवा अब स्मार्टफोन लेकर काम करना चाहते हैं, तीन साल में बदल गए हालात

Sat, 06 Aug 2022 01:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 06 Aug 2022 01:43 AM IST
सार

Jammu kashmir News : उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पीएमजीएसवाई हो, सोशल सिक्योरिटी स्कीम, ई-गवर्नेंस या स्टार्टअप हो हर क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर ने लंबी छलांग लगाई है। आज के दिन दुकानें खुली हैं, यातायात सामान्य चल रहा है। 

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Jammu kashmir News : LG Sinha said- youth now want to work with smartphones
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने की तीसरी बरसी के मौके पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि बीते तीन साल में जम्मू-कश्मीर में बड़े बदलाव हुए हैं। अब घाटी में युवा पत्थरबाजी की जगह हाथ में स्मार्टफोन लेकर काम करना चाहते हैं।  

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 उन्होंने कहा, पीएमजीएसवाई हो, सोशल सिक्योरिटी स्कीम, ई-गवर्नेंस या स्टार्टअप हो हर क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर ने लंबी छलांग लगाई है। आज के दिन दुकानें खुली हैं, यातायात सामान्य चल रहा है। वो दिन चले गए जब 100 दिन बंद रहते थे, दुकानें नहीं खुलती थीं, स्कूल-कॉलेज बंद हो जाते थे।
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देश भर के लोगों में एक नया विश्वास कायम हुआ है और इसी कारण बीते सात माह में एक करोड़ 10 लाख से ज्यादा सैलानी जम्मू-कश्मीर में आए हैं। यहाँ शांति है, समृद्धि आ रही है। प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है और नया जम्मू-कश्मीर प्रधानमंत्री मोदी के कारण बनने जा रहा है।
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हाइब्रिड आतंकवादी अब कोई बड़ी चुनौती नहीं : एडीजी
वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के एडीजी विजय कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हुए बदलाव का बड़ा श्रेय यहां की जनता को जाता है, जिन्होंने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर शांति का माहौल बनाया है। अब हुर्रियत की कॉल का सिलसिला बंद हो गया है। आतंकवादियों के जनाजों में भीड़ जुटना बंद हो गई है। एडीजी ने कहा, एक साल पहले हाईब्रिड आतंकवादी अब बड़ी चुनौती नहीं हैं। उनको जल्द हम पहचान कर मार गिराते हैं।

जम्मू-कश्मीर की जनता पाकिस्तानी और आतंकवादियों के मंसूबों को समझे और इसी तरह सुरक्षा बलों का सहयोग करें, ताकि शांति कायम की जा सके। वहीं, पुलवामा हमले को लेकर कुमार ने कहा कि बाहर के तीन मजदूर थे, जिन पर लश्कर के दो आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया, जो बाइक पर आए थे। 

370 हटने के बाद कानून व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं में 88 फीसदी गिरावट 

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था संबंधी घटनाओं में 88 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक घाटी में पांच अगस्त 2016 से चार अगस्त 2019 के दौरान कानून-व्यवस्था संबंधी कुल 3686 घटनाएं दर्ज की गई। हालांकि, पांच अगस्त 2019 के बाद से तीन वर्षों के दौरान घाटी में कानून-व्यवस्था संबंधी केवल 438 घटनाएं दर्ज की गईं जो 88 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की थी। पुलिस ने कहा कि पांच अगस्त, 2019 से पहले के तीन वर्षों में कश्मीर में कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाओं में कुल 124 नागरिक मारे गए थे जबकि उसके बाद से किसी भी नागरिक की मौत नहीं हुई है। इसी प्रकार पांच अगस्त 2016 से चार अगस्त 2019 तक ऐसी घटनाओं में पुलिस और सुरक्षाबलों के छह जवानों की जान चली गई, लेकिन उसके बाद से किसी जवान की मौत नहीं हुई।

पुलिस ने कहा कि पांच अगस्त, 2019 से पहले तीन वर्षों के दौरान 930 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं थीं जबकि अगले तीन वर्षों में यह संख्या घटकर 617 हो गई। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से तीन साल पहले, घाटी में आतंकी घटनाओं में 290 सुरक्षा बल के जवान मारे गए थे और यह संख्या घटकर 174 हो गई। जहां तक आतंकवादी हमलों जैसी अन्य घटनाओं में नागरिकों की हत्याओं का संबंध है, सांविधानिक परिवर्तनों के बाद तीन वर्षों में यह संख्या 191 से घटकर 110 हो गई।

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