{"_id":"679be1f381a3451c210da0fe","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-news-c-10-lko1027-534511-2025-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: एनएचएम कर्मियों के वेतन में लेटलतीफी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: एनएचएम कर्मियों के वेतन में लेटलतीफी
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री सकीना मसूद इट्टू से मुलाकात करते एजेकेएनएचएमईए) शिष्टमंडल के सदस्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। अखिल जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ (एजेकेएनएचएमईए) के एक शिष्टमंडल ने स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना मसूद इट्टू से मुलाकात कर एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को लेकर चर्चा की। इसमें प्रमुख रूप से कर्मचारियों के वेतन में देरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा नौकरी की सुरक्षा, वेतन संशोधन, सेवा लाभ और नीति सुधारों पर भी बात की गई। वेतन के मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह से भी मुलाकात की।
संघ ने 2017 और 2019 के बीच जारी सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग दोहराई, जिसमें 1,026 एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य प्रणाली में शामिल करने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया की सिफारिश की गई थी। कहा, जब तक पूर्ण नियमितीकरण नहीं हो जाता, तब तक स्वास्थ्य संस्थानों में मौजूदा रिक्तियों के विरुद्ध एचएंडएमई विभाग में एनएचएम कर्मियों को युक्तिसंगत बनाया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की कमी को दूर किया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने 2024-2025 में एनएचएम कर्मचारियों के लिए 100 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग की। इसमें बताया गया कि 2009 से कोई वेतन संशोधन लागू नहीं किया गया है, जिससे हजारों अनुबंध-आधारित स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों के लिए गंभीर वित्तीय कठिनाई हो रही है। उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों के लिए सेवा उपनियमों की आवश्यकता पर जोर दिया। 2022 में हुई पिछली चर्चाओं का हवाला देते हुए बताया गया कि इसके परिणामस्वरूप अभी तक ठोस नीति कार्यान्वयन नहीं हुआ है। एसोसिएशन ने एनएचएम कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य स्थितियों और कॅरिअर की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा, ओडिशा और त्रिपुरा के समान एक संरचित रोजगार ढांचे का आह्वान किया।
विज्ञापन
अन्य मांगों के अलावा एसोसिएशन ने ओडिशा और त्रिपुरा में दिए जाने वाले अवकाश लाभों के बराबर लाभ देने का अनुरोध किया। सेवानिवृत्त एनएचएम कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता (गोल्डन हैंडशेक) के विस्तार की मांग की गई। उन्होंने सरकार से सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए अंशदायी कॉर्पस कल्याण कोष का विस्तार करने का आग्रह किया।
नौकरी में आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए प्रतिनिधिमंडल ने जेकेएसएसबी और जेकेपीएससी के माध्यम से एनएचएम कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत सीधी भर्ती आरक्षण की वकालत की। इसके अतिरिक्त एनएचएम कर्मचारियों को दूरदराज, बर्फीले और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किए जाने के बारे में चिंता व्यक्त की गई। एसोसिएशन ने ऐसे स्थानों पर कर्मचारियों के लिए एकमुश्त स्थानांतरण नीति का अनुरोध किया ताकि उनका बोझ कम हो सके। शिष्टमंडल में रोहित सेठ, जगदीश शर्मा, अब्दुल रशीद पंडित आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
संघ ने 2017 और 2019 के बीच जारी सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग दोहराई, जिसमें 1,026 एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य प्रणाली में शामिल करने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया की सिफारिश की गई थी। कहा, जब तक पूर्ण नियमितीकरण नहीं हो जाता, तब तक स्वास्थ्य संस्थानों में मौजूदा रिक्तियों के विरुद्ध एचएंडएमई विभाग में एनएचएम कर्मियों को युक्तिसंगत बनाया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की कमी को दूर किया जा सके।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने 2024-2025 में एनएचएम कर्मचारियों के लिए 100 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग की। इसमें बताया गया कि 2009 से कोई वेतन संशोधन लागू नहीं किया गया है, जिससे हजारों अनुबंध-आधारित स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों के लिए गंभीर वित्तीय कठिनाई हो रही है। उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों के लिए सेवा उपनियमों की आवश्यकता पर जोर दिया। 2022 में हुई पिछली चर्चाओं का हवाला देते हुए बताया गया कि इसके परिणामस्वरूप अभी तक ठोस नीति कार्यान्वयन नहीं हुआ है। एसोसिएशन ने एनएचएम कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य स्थितियों और कॅरिअर की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा, ओडिशा और त्रिपुरा के समान एक संरचित रोजगार ढांचे का आह्वान किया।
विज्ञापन
अन्य मांगों के अलावा एसोसिएशन ने ओडिशा और त्रिपुरा में दिए जाने वाले अवकाश लाभों के बराबर लाभ देने का अनुरोध किया। सेवानिवृत्त एनएचएम कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता (गोल्डन हैंडशेक) के विस्तार की मांग की गई। उन्होंने सरकार से सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए अंशदायी कॉर्पस कल्याण कोष का विस्तार करने का आग्रह किया।
नौकरी में आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए प्रतिनिधिमंडल ने जेकेएसएसबी और जेकेपीएससी के माध्यम से एनएचएम कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत सीधी भर्ती आरक्षण की वकालत की। इसके अतिरिक्त एनएचएम कर्मचारियों को दूरदराज, बर्फीले और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किए जाने के बारे में चिंता व्यक्त की गई। एसोसिएशन ने ऐसे स्थानों पर कर्मचारियों के लिए एकमुश्त स्थानांतरण नीति का अनुरोध किया ताकि उनका बोझ कम हो सके। शिष्टमंडल में रोहित सेठ, जगदीश शर्मा, अब्दुल रशीद पंडित आदि शामिल रहे।