{"_id":"678bed3f5c0490efc00b92ad","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-news-c-10-lko1027-526579-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस ने संविधान का दुरुपयोग किया, आंबेडकर को दरकिनार किया : सत शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस ने संविधान का दुरुपयोग किया, आंबेडकर को दरकिनार किया : सत शर्मा
विज्ञापन
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा
- फोटो : jammu news
जम्मू। व्यक्तिगत लाभ के लिए संविधान का दुरुपयोग करने वाली कांग्रेस ने कभी भी डॉ. बीआर आंबेडकर के योगदान को मान्यता नहीं दी। आज संविधान बचाओ के नारे पर लोगों को गुमराह करने के लिए मगरमच्छ के आंसू बहा रही है। यह बात जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष सत शर्मा ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय जम्मू में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
शर्मा ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि आजादी के बाद कई दशकों तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर को सम्मान देना या देश के संविधान निर्माण में उनके योगदान के लिए उनका सम्मान करना जरूरी नहीं समझा और उन्हें दरकिनार कर दिया गया। सत शर्मा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर को पुरस्कार देने के लिए विचार नहीं किया, लेकिन जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न दिए गए।
कांग्रेस खुद को संविधान के रक्षक के रूप में चित्रित कर रही है, जो लोगों का विश्वास जीतने की एक हताश कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी के कहने पर ही 1990 में डॉ. आंबेडकर को भारत रत्न दिया गया था, जब वह वीपी सिंह सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी। जब नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधान मंत्री के रूप में पदभार संभाला, तो संविधान के निर्माता के जीवन के विभिन्न चरणों से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों पर स्मारकों की पहचान और निर्माण करके डॉ. आंबेडकर को सम्मानित करने के लिए पहल की गईं। उनकी विरासत को जीवित रखने के लिए पंचतीर्थ का भी निर्माण कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शर्मा ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि आजादी के बाद कई दशकों तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर को सम्मान देना या देश के संविधान निर्माण में उनके योगदान के लिए उनका सम्मान करना जरूरी नहीं समझा और उन्हें दरकिनार कर दिया गया। सत शर्मा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर को पुरस्कार देने के लिए विचार नहीं किया, लेकिन जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न दिए गए।
विज्ञापन
कांग्रेस खुद को संविधान के रक्षक के रूप में चित्रित कर रही है, जो लोगों का विश्वास जीतने की एक हताश कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी के कहने पर ही 1990 में डॉ. आंबेडकर को भारत रत्न दिया गया था, जब वह वीपी सिंह सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी। जब नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधान मंत्री के रूप में पदभार संभाला, तो संविधान के निर्माता के जीवन के विभिन्न चरणों से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों पर स्मारकों की पहचान और निर्माण करके डॉ. आंबेडकर को सम्मानित करने के लिए पहल की गईं। उनकी विरासत को जीवित रखने के लिए पंचतीर्थ का भी निर्माण कराया।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा - फोटो : jammu news
विज्ञापन