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Jammu News: टाउनशिप पर मचा घमासान, पीडीपी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप
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जम्मू। प्रदेश में सेटेलाइट टाउनशिप की अभी चर्चा ही शुरू हुई है कि घमासान भी शुरू हो गया।
पीडीपी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि टाउनशिप जनसांख्यिकी और पर्यावरण के लिए खतरा होगी। वहीं, नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सदन के बाहर पीडीपी के इस रुख पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, पहले इन्हें कश्मीरी पंडितों से खतरा लगता था, अब टाउनशिप से लग रहा है।
पीडीपी ने प्रदेश में सेटेलाइट टाउनशिप बनाए जाने पर आपत्ति जताई। पार्टी के विधायक वहीद उर रहमान पर्रा ने कहा, टाउनशिप से प्रदेश की जनसांख्यिकी के साथ ही पर्यावरण पर असर पड़ेगा। ऐसी टाउनशिप के निर्माण से पहले पूरी तरह से जमीनी स्तर पर मूल्यांकन होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि ऐसी कोई टाउनशिप नहीं बन रही है, लेकिन सचिवालय से एक पत्र निकाला गया है, जिसमें उपायुक्तों को टाउनशिप के लिए जगह की तलाश करने को कहा गया है। आर्द्रभूमि के उपयोग पर चिंता जताई : पर्रा ने अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए आर्द्रभूमि के उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी टाउनशिप परियोजनाओं का पर्यावरण मूल्यांकन करने की मांग की। कहा, बेमिना के पास आवास के लिए पहचानी गई 4,200 कनाल भूमि आर्द्रभूमि है। पिछले पांच वर्षों में भूमि, मिट्टी और रेत खनन के कारण बड़े पैमाने पर तबाही और विनाश के कारण हम पहले से ही जलवायु संकट का सामना कर रहे हैं। अगर सही कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य बहुत अंधकारमय और भयावह दिखता है। इस पर मंत्री सकीना इट्टू ने कहा किसी भी निर्माण कार्य को करते समय सभी पारिस्थितिक मुद्दों को ध्यान में रखा जाएगा। लाभार्थियों का विवरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद निर्धारित किया जाएगा।
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पीडीपी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि टाउनशिप जनसांख्यिकी और पर्यावरण के लिए खतरा होगी। वहीं, नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सदन के बाहर पीडीपी के इस रुख पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, पहले इन्हें कश्मीरी पंडितों से खतरा लगता था, अब टाउनशिप से लग रहा है।
पीडीपी ने प्रदेश में सेटेलाइट टाउनशिप बनाए जाने पर आपत्ति जताई। पार्टी के विधायक वहीद उर रहमान पर्रा ने कहा, टाउनशिप से प्रदेश की जनसांख्यिकी के साथ ही पर्यावरण पर असर पड़ेगा। ऐसी टाउनशिप के निर्माण से पहले पूरी तरह से जमीनी स्तर पर मूल्यांकन होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि ऐसी कोई टाउनशिप नहीं बन रही है, लेकिन सचिवालय से एक पत्र निकाला गया है, जिसमें उपायुक्तों को टाउनशिप के लिए जगह की तलाश करने को कहा गया है। आर्द्रभूमि के उपयोग पर चिंता जताई : पर्रा ने अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए आर्द्रभूमि के उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी टाउनशिप परियोजनाओं का पर्यावरण मूल्यांकन करने की मांग की। कहा, बेमिना के पास आवास के लिए पहचानी गई 4,200 कनाल भूमि आर्द्रभूमि है। पिछले पांच वर्षों में भूमि, मिट्टी और रेत खनन के कारण बड़े पैमाने पर तबाही और विनाश के कारण हम पहले से ही जलवायु संकट का सामना कर रहे हैं। अगर सही कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य बहुत अंधकारमय और भयावह दिखता है। इस पर मंत्री सकीना इट्टू ने कहा किसी भी निर्माण कार्य को करते समय सभी पारिस्थितिक मुद्दों को ध्यान में रखा जाएगा। लाभार्थियों का विवरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद निर्धारित किया जाएगा।
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