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कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन आसान निर्णय नहीं था : उमर
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श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन एक आसान निर्णय नहीं था। पार्टी को कई सीटों का त्याग करना पड़ा। नेकां मुख्यालय नवाए सुबह में एक पार्टी समारोह में उमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष एक सामूहिक लड़ाई है।
उन्होंने कहा, यह केवल हमारी नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर की लड़ाई है। अगर हमने अपने साथ हुए गलत कामों को सुधार लिया तो इससे न सिर्फ हमें फायदा होगा बल्कि जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक को फायदा होगा। हम जम्मू-कश्मीर के लिए सामूहिक रूप से यह लड़ाई लड़ रहे हैं। नेकां उपाध्यक्ष ने कहा, इसलिए हमने कांग्रेस से हाथ मिलाया हालांकि यह हमारे लिए आसान निर्णय नहीं था, क्योंकि हमें उन सीटों का त्याग करना पड़ा जहां हम जानते थे कि केवल नेकां ही कड़ी टक्कर दे सकती है।
सत्ता में आए तो पीएसए रद्द करेंगे
उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन जरूरी है। उन्होंने कहा, जम्मू, पुंछ, राजोरी के निचले इलाकों जैसी कई सीटों पर कांग्रेस और हम मिलकर उन शक्तियों से लड़ सकते हैं इसलिए हमने यहां कांग्रेस को नेकां की झोली से कुछ सीटें दी हैं। उमर ने कहा कि चुनाव पूर्व गठबंधन का पहला प्रभाव तब देखा गया जब पूर्व कांग्रेस नेता और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने घोषणा की कि वह चुनाव में अपनी पार्टी के लिए प्रचार नहीं करेंगे। अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि अगर नेकां सत्ता में आती है तो वह जम्मू-कश्मीर से विवादास्पद सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) को रद्द कर देगी। उन्होंने कहा, हमने कई समस्याएं देखी हैं। पीएसए का अंधाधुंध इस्तेमाल किया गया है। हम युवाओं की गिरफ्तारियां भी रोकेंगे।
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उन्होंने कहा, यह केवल हमारी नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर की लड़ाई है। अगर हमने अपने साथ हुए गलत कामों को सुधार लिया तो इससे न सिर्फ हमें फायदा होगा बल्कि जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक को फायदा होगा। हम जम्मू-कश्मीर के लिए सामूहिक रूप से यह लड़ाई लड़ रहे हैं। नेकां उपाध्यक्ष ने कहा, इसलिए हमने कांग्रेस से हाथ मिलाया हालांकि यह हमारे लिए आसान निर्णय नहीं था, क्योंकि हमें उन सीटों का त्याग करना पड़ा जहां हम जानते थे कि केवल नेकां ही कड़ी टक्कर दे सकती है।
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सत्ता में आए तो पीएसए रद्द करेंगे
उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन जरूरी है। उन्होंने कहा, जम्मू, पुंछ, राजोरी के निचले इलाकों जैसी कई सीटों पर कांग्रेस और हम मिलकर उन शक्तियों से लड़ सकते हैं इसलिए हमने यहां कांग्रेस को नेकां की झोली से कुछ सीटें दी हैं। उमर ने कहा कि चुनाव पूर्व गठबंधन का पहला प्रभाव तब देखा गया जब पूर्व कांग्रेस नेता और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने घोषणा की कि वह चुनाव में अपनी पार्टी के लिए प्रचार नहीं करेंगे। अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि अगर नेकां सत्ता में आती है तो वह जम्मू-कश्मीर से विवादास्पद सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) को रद्द कर देगी। उन्होंने कहा, हमने कई समस्याएं देखी हैं। पीएसए का अंधाधुंध इस्तेमाल किया गया है। हम युवाओं की गिरफ्तारियां भी रोकेंगे।
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