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Jammu News: डेंगू पीड़ितों से भरने लगे अस्पताल, प्रदेश में रोज 80 मामले आ रहे
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जम्मू। डेंगू के बढ़ते मामलों से पीड़ितों से शहर के अस्पताल भरने लगे हैं। खासतौर पर जीएमसी और एसएमजीएस अस्पताल में रोजाना नए मरीज भर्ती हो रहे हैं। बच्चों से लेकर बढ़ों तक के संदिग्ध बुखार के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश में रोजाना 80 से 100 के बीच डेंगू के नए मामले मिल रहे हैं, जिसमें सर्वाधिक मामले जम्मू जिले से आ रहे हैं। शुक्रवार को हुई ताजा बारिश ने मच्छरों के पनपने को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
प्रदेश में अब तक डेंगू के 1428 मामले मिल चुके हैं, जिसमें जम्मू जिले से 928 मामले हैं। राहत यह है कि अभी तक किसी पीड़ित की मौत नहीं हुई है। विभिन्न अस्पतालों में 76 पीड़ितों का इलाज चल रहा है। जीएमसी जम्मू के इमरजेंसी वार्ड 3 में भर्ती डेंगू पीड़ित रामबन निवासी रेखा (45) ने बताया कि डेंगू के लक्षण मिलने पर शरीर बुरी तरह से टूट गया था। तेज बुखार के साथ अन्य शारीरिक समस्याएं हो गई थीं। पता नहीं था कि मच्छर के डंक से इतनी बुरी हालत हो सकती है। उनका कहना था कि सरकार मच्छरों के सफाए को दावे तो कर रही है, लेकिन शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में हालात इसके विपरीत हैं। मच्छर लगातार लोगों पर हमले कर रहे हैं। इसी वार्ड में भर्ती उधमपुर निवासी सुनील शर्मा (38) ने बताया कि डेंगू के बाद शरीर में प्लेटलेट की कमी के कारण वह जीएमसी जम्मू पहुंचे, यहां अभी हालत ठीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पतालों में डेंगू के उचित इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। सतवारी, जम्मू निवासी 20 वर्षीय विशाल ने बताया कि तेज बुखार होने के बाद टेस्ट करवाने पर डेंगू का पता चला। मुझे अहसास हुआ है कि डेंगू बुरी तरह से शरीर को तोड़ देता है। इसी वार्ड में भर्ती छन्नी निवासी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि जम्मू शहर के लगभग हिस्सों में मच्छर पनप रहे हैं, जो डेंगू का कारण बन रहे हैं। फागिंग के दावे भी जमीनी स्तर पर सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जीएमसी जम्मू में उचित उपचार मिल रहा है।
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प्रदेश में अब तक डेंगू के 1428 मामले मिल चुके हैं, जिसमें जम्मू जिले से 928 मामले हैं। राहत यह है कि अभी तक किसी पीड़ित की मौत नहीं हुई है। विभिन्न अस्पतालों में 76 पीड़ितों का इलाज चल रहा है। जीएमसी जम्मू के इमरजेंसी वार्ड 3 में भर्ती डेंगू पीड़ित रामबन निवासी रेखा (45) ने बताया कि डेंगू के लक्षण मिलने पर शरीर बुरी तरह से टूट गया था। तेज बुखार के साथ अन्य शारीरिक समस्याएं हो गई थीं। पता नहीं था कि मच्छर के डंक से इतनी बुरी हालत हो सकती है। उनका कहना था कि सरकार मच्छरों के सफाए को दावे तो कर रही है, लेकिन शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में हालात इसके विपरीत हैं। मच्छर लगातार लोगों पर हमले कर रहे हैं। इसी वार्ड में भर्ती उधमपुर निवासी सुनील शर्मा (38) ने बताया कि डेंगू के बाद शरीर में प्लेटलेट की कमी के कारण वह जीएमसी जम्मू पहुंचे, यहां अभी हालत ठीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पतालों में डेंगू के उचित इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। सतवारी, जम्मू निवासी 20 वर्षीय विशाल ने बताया कि तेज बुखार होने के बाद टेस्ट करवाने पर डेंगू का पता चला। मुझे अहसास हुआ है कि डेंगू बुरी तरह से शरीर को तोड़ देता है। इसी वार्ड में भर्ती छन्नी निवासी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि जम्मू शहर के लगभग हिस्सों में मच्छर पनप रहे हैं, जो डेंगू का कारण बन रहे हैं। फागिंग के दावे भी जमीनी स्तर पर सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जीएमसी जम्मू में उचित उपचार मिल रहा है।
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