फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: बैंचों पर बैठकर ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे मरीज

विज्ञापन
jammu kashmir news
जम्मू। कोलकाता मामले को लेकर अस्पतालों में डाॅक्टरों के हड़ताल पर रहने से मरीजों का दर्द भी बढ़ रहा है। ओपीडी और सामान्य सर्जरी ठप रहने से अस्पतालों में पहुंचकर भी मरीज इलाज से महरूम रह रहे हैं। जीएमसी जम्मू और संबद्ध अस्पतालों में भी ऐसे ही हालात हैं।
विज्ञापन

संक्रमित हुई दाहिनी आंख पर रुमाल रखकर जीएमसी में पहुंचे सरोर निवासी सोनू ने बताया कि वह गत शुक्रवार भी आंख दिखाने आए थे, तब भी ओपीडी बंद थी और आज फिर बंद है। उन्होंने कहा कि कोलकाता घटना का हमें बहुत दुख है, लेकिन सरकार को ओपीडी जैसी सेवाएं बहाल रखने के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। किडनी की समस्या से परेशान संजय नगर जम्मू निवासी ओमकार गुप्ता (67) को भी जीएमसी में पहुंचकर बिना इलाज के मायूस लौटना पड़ा। वह काफी देर तक ओपीडी परिसर में बैठे रहे, लेकिन ओपीडी काउंटर बंद मिला। इसी तरह 60 वर्षीय फजला बीबी निवासी ब्लाक मथवार बैंच पर बैठी ओपीडी खुलने का इंतजार कर रही थी। उसे भूख न लगने के साथ छाती में एक तरफ से दर्द की शिकायत है, लेकिन ओपीडी सेवा बंद रहने से कोई इलाज नहीं मिल पाया।
विज्ञापन

एक अन्य 60 वर्षीय राजोरी निवासी अलादीन जीएमसी की ओपीडी में घुटने का दर्द और कमजोरी की समस्या दिखाने आई थी। उसके हाथ कांप रहे थे, लेकिन ओपीडी बंद रहने से इलाज नहीं मिल सका। 70 वर्षीय अंब घरोटा निवासी सरदारा बीबी का शरीर बुखार से तप रहा था। सांसे फूल रही थी। मगर ओपीडी बंद रहने से घंटों बैंच पर इंतजार करने के बाद उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। उनका आरोप है कि जब वे इमरजेंसी में दिखाने गए, तो डाॅक्टर ने पर्ची पर उन्हें ओपीडी में दिखाने के लिए लिखकर दे दिया। रियासी निवासी मोहम्मद हनीफ किडनी की समस्या के कारण एक मेडिकल रिपोर्ट डाॅक्टर को दिखाने आए थे, मगर जीएमसी में पहुंचकर उन्हें ओपीडी बंद होने की सूचना मिली। हालांकि जीएमसी प्रशासन का दावा है कि ओपीडी में वरिष्ठ डाॅक्टर कुछ मरीजों को देख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
पिछले चार दिन में एसोसिएटेड अस्पतालों में सैकड़ों सामान्य सर्जरी टली
जीएमसी जम्मू और संबद्ध अस्पतालों में एसएमजीएस, बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पिछले चार दिन से सैकड़ों सामान्य (इलेक्टिव) सर्जरी टल गई हैं। जीएमसी में आर्थो के पांच थियेटर हैं। इनमें रूटीन में चार थियेटर चलते हैं, जिसमें प्रत्येक में 4-5 या इससे अधिक सर्जरी हो जाती हैं, लेकिन पिछले चार दिन से कोई सामान्य सर्जरी नहीं हुई है। इसी तरह सर्जरी के 7 थियेटर हैं, जिसमें हफ्ते में 70 से 80 छोटी-बड़ी सामान्य सर्जरी होती हैं। शुक्रवार से डाॅक्टर हड़ताल पर हैं, जिसमें रविवार की छुट्टी के अलावा अन्य कार्य दिवस में कोई सामान्य सर्जरी नहीं हुई है। नेत्र विभाग के तीन थियेटर में भी रोजाना सामान्य 15 से 20 सर्जरी प्रभावित हो रही हैं। बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल के दो थियेटरों में तीन दिन से कोई सर्जरी नहीं हुई है। यहां रोजाना 5 से 7 सामान्य सर्जरी नहीं हो रही हैं। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भी न्यूरोसर्जरी, यूरोलाजी, कार्डियोलाजी, सीटीवीएस आदि की सामान्य सर्जरी प्रभावित हो रही है।

----------
निजी क्लीनिकों में मरीजों की भरमार
अस्पतालों की ओपीडी प्रभावित होने से निजी क्लीनिकों में मरीजों की भरमार है। इनमें भी अधिकांश वही डाॅक्टर हैं जो सरकारी अस्पतालों से प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण ये अस्पतालों में सेवाएं नहीं दे रहे हैं, जबकि निजी क्लीनिकों में मरीजों से मोटी रकम वसूली जा रही है। इससे खासतौर पर दूरदराज और आर्थिक तौर पर कमजोर मरीज अधिक परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed