{"_id":"668c90547cbc7ef7d803fdb6","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-news-c-10-jam1008-396763-2024-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: भूस्खलन से मुगल रोड बंद, 16 घंटे से फंसे हैं सैकड़ों वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: भूस्खलन से मुगल रोड बंद, 16 घंटे से फंसे हैं सैकड़ों वाहन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। राजोरी जिले को कश्मीर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगल रोड भारी भूस्खलन के चलते पिछले 16 घंटे से बंद है। मुगल रोड पर पनाढ़ क्षेत्र में सोमवार सुबह छह बजे के करीब भारी भूस्खलन हुआ। इससे सड़क का करीब साठ मीटर हिस्सा मलबे के पहाड़ में बदल गया है। सुबह छह बजे बंद हुई मुगल रोड रात दस बजे समाचार लिखे जाने तक यातायात के लिए खोली नहीं जा सकी है।
भूस्खलन से बंद हुई मुगल रोड पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। मुगल रोड अथॉरिटी की तरफ से सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर केके अत्री की निगरानी में देर शाम रोड से मलबा हटाने का अभियान जारी था। तीन बड़ी मशीनों को काम पर लगाया गया है।
मार्ग बंद होने से 16 घंटे से फंसे बच्चे, महिलाएं और बीमारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आस पास के होटलों और दुकानों में खाने-पीने का सामना दोपहर तक खत्म हो गया था। अब यहां फंसे यात्रियों का भूख से बुरा हाल हो रहा है।
विज्ञापन
वहीं मुगल रोड अथार्टी के अधिकारियों का कहना है कि दोपहर बाद तक लगातार पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण मलबा हटाने के काम में बाधा आ रही है। जैसे ही पत्थर गिरने का सिलसिला बंद होगा तो काम में तेजी आएगी।
विज्ञापन
भूस्खलन से बंद हुई मुगल रोड पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। मुगल रोड अथॉरिटी की तरफ से सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर केके अत्री की निगरानी में देर शाम रोड से मलबा हटाने का अभियान जारी था। तीन बड़ी मशीनों को काम पर लगाया गया है।
विज्ञापन
मार्ग बंद होने से 16 घंटे से फंसे बच्चे, महिलाएं और बीमारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आस पास के होटलों और दुकानों में खाने-पीने का सामना दोपहर तक खत्म हो गया था। अब यहां फंसे यात्रियों का भूख से बुरा हाल हो रहा है।
विज्ञापन
वहीं मुगल रोड अथार्टी के अधिकारियों का कहना है कि दोपहर बाद तक लगातार पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण मलबा हटाने के काम में बाधा आ रही है। जैसे ही पत्थर गिरने का सिलसिला बंद होगा तो काम में तेजी आएगी।