{"_id":"66737982c59c320aba0110e7","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-news-c-10-jam1008-383740-2024-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: जीएमसी के नए अकादमिक सत्र में एमबीबीएस सीटों पर संशय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: जीएमसी के नए अकादमिक सत्र में एमबीबीएस सीटों पर संशय
विज्ञापन
जम्मू। जीएमसी जम्मू में 2024-25 के अकादमिक सत्र में एमबीबीएस सीटों को लेकर संशय बरकरार है। अभी तक राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर से जीएमसी प्रशासन को उनकी 180 एमबीबीएस सीटों के लिए लेटर आफ परमिशन (एलओपी) जारी नहीं किया गया है। 2022-23 के अकादमिक सत्र में जीएमसी प्रशासन की ओर से 180 के बजाय चार अतिरिक्त सीटों के साथ 184 विद्यार्थियों का दाखिला करने के मामले में भी सरकार किसी भी अधिकारी की जिम्मेदारी तय नहीं कर पाई है।
2022-23 के सत्र में जीएमसी प्रशासन द्वारा कुल सीटों पर चार अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों पर छात्रों का दाखिला कर देने से हड़कंप मच गया था। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एनएमसी ने जीएमसी प्रशासन को 15 दिन में जांच करके दोषी लोगों की जिम्मेदारी तय करने को कहा था। इसके बाद जीएमसी प्रशासन की ओर से आंतरिक रिपोर्ट में संस्थान के एचओडी की जिम्मेदारी तय की गई थी। इसके बाद नए मेडिकल कालेज (समन्वयक) डाॅ. यशपाल शर्मा के नेतृत्व में दूसरी जांच समिति ने 15 मई 2023 को सरकार को रिपोर्ट सौंपकर चार अतिरिक्त सीटों के लिए जीएमसी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था।
रिपोर्ट में बताया गया था कि चार अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को एनएमसी पोर्टल/जम्मू विश्वविद्यालय के समक्ष पंजीकृत किए बिना दाखिला कर दिया गया। इनमें तीन छात्राएं और एक एमबीबीएस छात्र है। समिति की सिफारिशों में जीएमसी प्रशासन का दाखिला प्रबंधन प्रक्रिया में कठोर, अनिर्णायक और उदासीन रवैया पाया गया, लेकिन आज तक सरकार की ओर से इस मामले में किसी अधिकारी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने पर तत्कालीन प्रिंसिपल को प्रशासनिक विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया था। जीएमसी की कुल 180 एमबीबीएस सीटों में 15 प्रतिशत आल इंडिया कोटा (27) से आती हैं, जबकि अन्य 85 प्रतिशत सीटें 153 कालेज में जेकेबीओपीईई के माध्यम से भरी जाती हैं। इस मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन रेगुलेशन 1997 के तहत जांच की गई।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
मौखिक आश्वासन मिला है, लेकिन एलओपी नहीं मिला : प्रिंसिपल
जम्मू। जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि जुलाई में नीट काउंसलिंग शुरू होगी। जीएमसी प्रशासन लगातार एनएमसी के संपर्क में रहकर सभी 180 एमबीबीएस सीटें पंजीकृत करने के लिए आग्रह कर रहा है। हमें मौखिक तौर पर आश्वासन भी मिला है, लेकिन लिखित में अभी एलओपी नहीं मिला है। उम्मीद है कि इस बार सभी सीटों पर दाखिले होंगे, जिससे जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का लाभ मिलेगा। इसके लिए एनएमसी को हाल ही में पत्र भी लिखा गया है। ब्यूरो
विज्ञापन
2022-23 के सत्र में जीएमसी प्रशासन द्वारा कुल सीटों पर चार अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों पर छात्रों का दाखिला कर देने से हड़कंप मच गया था। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एनएमसी ने जीएमसी प्रशासन को 15 दिन में जांच करके दोषी लोगों की जिम्मेदारी तय करने को कहा था। इसके बाद जीएमसी प्रशासन की ओर से आंतरिक रिपोर्ट में संस्थान के एचओडी की जिम्मेदारी तय की गई थी। इसके बाद नए मेडिकल कालेज (समन्वयक) डाॅ. यशपाल शर्मा के नेतृत्व में दूसरी जांच समिति ने 15 मई 2023 को सरकार को रिपोर्ट सौंपकर चार अतिरिक्त सीटों के लिए जीएमसी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था।
विज्ञापन
रिपोर्ट में बताया गया था कि चार अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को एनएमसी पोर्टल/जम्मू विश्वविद्यालय के समक्ष पंजीकृत किए बिना दाखिला कर दिया गया। इनमें तीन छात्राएं और एक एमबीबीएस छात्र है। समिति की सिफारिशों में जीएमसी प्रशासन का दाखिला प्रबंधन प्रक्रिया में कठोर, अनिर्णायक और उदासीन रवैया पाया गया, लेकिन आज तक सरकार की ओर से इस मामले में किसी अधिकारी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने पर तत्कालीन प्रिंसिपल को प्रशासनिक विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया था। जीएमसी की कुल 180 एमबीबीएस सीटों में 15 प्रतिशत आल इंडिया कोटा (27) से आती हैं, जबकि अन्य 85 प्रतिशत सीटें 153 कालेज में जेकेबीओपीईई के माध्यम से भरी जाती हैं। इस मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन रेगुलेशन 1997 के तहत जांच की गई।
विज्ञापन
मौखिक आश्वासन मिला है, लेकिन एलओपी नहीं मिला : प्रिंसिपल
जम्मू। जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि जुलाई में नीट काउंसलिंग शुरू होगी। जीएमसी प्रशासन लगातार एनएमसी के संपर्क में रहकर सभी 180 एमबीबीएस सीटें पंजीकृत करने के लिए आग्रह कर रहा है। हमें मौखिक तौर पर आश्वासन भी मिला है, लेकिन लिखित में अभी एलओपी नहीं मिला है। उम्मीद है कि इस बार सभी सीटों पर दाखिले होंगे, जिससे जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का लाभ मिलेगा। इसके लिए एनएमसी को हाल ही में पत्र भी लिखा गया है। ब्यूरो