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Jammu News: पीसी, आप और नेकां के विधायकों के निशाने पर रही भाजपा, 370 और स्टेटहुड का दर्जा
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श्रीनगर। विधानसभा सत्र का अंतिम दिन भी हंगामे भरा रहा। हंगामे के बीच विधायकों ने चेयर को संबोधित किया। बारामुला से विधायक जावेद हसन बेग ने कहा कि पीएम, गृह मंत्री और भाजपा नेता अनुच्छेद 370 को हटाने से शांति स्थापित होने की बात करते हैं। शांति स्थापित करने और हिंसा की अनुपस्थिति में अंतर है। लोकतंत्र तभी बहाल हो सकता है जब आप इस सदन का सम्मान करें। इस सदन द्वारा पारित प्रस्तावों का सम्मान करें। आप कहते हैं कि हमने दीवारें गिरा दी हैं, लेकिन आपने पुल तोड़ दिए हैं और दीवारें खड़ी कर दी हैं।
थन्नामंडी से विधायक मुजफ्फर खान ने कहा कि मैं इस तथ्य से अनभिज्ञ नहीं हूं कि यह सदन देश का सबसे शक्तिशाली सदन था। इस सदन ने बहुत अच्छा काम किया है। आज सौभाग्य से या दुर्भाग्य से मैं एलजी के अभिभाषण पर अपना धन्यवाद व्यक्त करता हूं। इस सदन की मंशा को व्यक्त करने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि 370 संविधान के विरुद्ध है। अनुच्छेद 370 पाकिस्तानी एजेंडा नहीं है। इसे पाकिस्तान की संविधान सभा ने नहीं दिया। यह भारत के संविधान का हिस्सा था। आप संविधान सभा और सांविधानिक पूर्वजों पर उंगलियां उठा रहे हैं। राज्य का दर्जा हमारा अधिकार है। बंदूक के बल पर हासिल की गई शांति, शांति नहीं बल्कि दमन है। मैं सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करने का इरादा रखता हूं और मैं निश्चित रूप से इस पर जाऊंगा। यह हमारे लिए केवल राज्य का दर्जा नहीं है, बल्कि हमारे लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का विषय है। हम इस सम्मानित सदन के माध्यम से अनुरोध करेंगे कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष किए गए वादे के अनुसार जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल किया जाए।
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भाजपा के बयानों ने मुझे आहत किया: नाइक
त्राल से विधायक रफीक नाइक ने कहा, मैं ऐसे परिवार से हूं जो 1947 से ही राष्ट्रवादी रहा है, लेकिन भाजपा सदस्यों के बयानों ने मुझे आहत किया है। हम अलग देश और पाकिस्तान में विलय की मांग नहीं कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हमारे लिए दरवाजे बंद नहीं किए हैं। हम विशेष दर्जे के लिए लड़ते रहेंगे। यह कोई अपराध नहीं है। प्रधानमंत्री किस बात का इंतजार कर रहे हैं? राज्य का दर्जा क्यों नहीं बहाल किया गया?
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एलजी और सरकार को अधिकार क्षेत्र तय करने चाहिए: तारीगामी
कुलगाम के विधायक एमवाई तारिगामी ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर मुझे इस सदन और इसके सदस्यों की शक्तियों के बारे में स्पष्टता नहीं है। हम किस विषय पर कानून बना सकते हैं, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। जहां तक शासन का सवाल है, तो भ्रम की स्थिति है। हमें नहीं पता कि इस लोकप्रिय सरकार के अधिकार क्षेत्र में क्या-क्या आता है। एलजी और लोकप्रिय सरकार को बैठकर तय करना चाहिए कि किसके अधिकार क्षेत्र में क्या-क्या आता है। एक नागरिक के तौर पर मैं कह सकता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने न्याय नहीं किया। एलजी कहते हैं मेरी सरकार। कौन सी सरकार? एलजी को पिछले पांच साल का अपना रिपोर्ट कार्ड देना चाहिए। एनएचपीसी में जम्मू-कश्मीर को 40 फीसदी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। जमीन और नौकरियों पर महाराजा हरि सिंह का 1927 का आदेश लागू होना चाहिए।
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हमें नहीं पता हमारे पास क्या शक्तियां: लोन
हंदवाड़ा से विधायक सज्जाद लोन ने कहा 2014 से अब तक बहुत कुछ हुआ है। भारत के सबसे सशक्त राज्यों में एक को केंद्र शासित प्रदेश में काट दिया गया और अनुच्छेद 370 छीन लिया गया। हमें यह भी नहीं पता कि हमारे पास या हमारे मंत्रियों के पास क्या शक्तियां हैं। यह बहुत ही कम अधिकार वाली विधानसभा है।
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वीडीजी की मौत की होनी चाहिए जांच: मलिक
डोडा से आप के विधायक महराज मलिक ने कहा. उन्होंने (भाजपा) वीडीजी को बिना प्रशिक्षण दिए हथियार दिए हैं। जो लोग मारे गए, क्या वे बंदूक चलाना जानते थे? इसकी जांच होनी चाहिए। भाजपा ने अपने चुनाव अभियान के लिए हथियार बांटे। उन्हें इस पर शर्म आनी चाहिए। ........
बनी को मिले पहाड़ी का दर्जा: रामेश्वर
बनी से विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा, मैं बनी के लिए पहाड़ी का दर्जा मांगता हूं क्योंकि लोग पहाड़ी बोलते हैं। पुंछ-राजोरी को आरक्षण मिला। क्या बनी के लोग अंग्रेजी बोलते हैं?
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ये विधानसभा कमजोर नहीं है: राजू
रामबन से विधायक अर्जुन सिंह राजू ने कहा, यह कोई कमजोर विधानसभा नहीं है। यह विधानसभा 1.5 करोड़ लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। 1947 में पाकिस्तान से आदिवासी आए और हमें लूटा और 2014 में एक और पार्टी आई और अपने स्थानीय साथियों के साथ मिलकर हमें लूटा।
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थन्नामंडी से विधायक मुजफ्फर खान ने कहा कि मैं इस तथ्य से अनभिज्ञ नहीं हूं कि यह सदन देश का सबसे शक्तिशाली सदन था। इस सदन ने बहुत अच्छा काम किया है। आज सौभाग्य से या दुर्भाग्य से मैं एलजी के अभिभाषण पर अपना धन्यवाद व्यक्त करता हूं। इस सदन की मंशा को व्यक्त करने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि 370 संविधान के विरुद्ध है। अनुच्छेद 370 पाकिस्तानी एजेंडा नहीं है। इसे पाकिस्तान की संविधान सभा ने नहीं दिया। यह भारत के संविधान का हिस्सा था। आप संविधान सभा और सांविधानिक पूर्वजों पर उंगलियां उठा रहे हैं। राज्य का दर्जा हमारा अधिकार है। बंदूक के बल पर हासिल की गई शांति, शांति नहीं बल्कि दमन है। मैं सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करने का इरादा रखता हूं और मैं निश्चित रूप से इस पर जाऊंगा। यह हमारे लिए केवल राज्य का दर्जा नहीं है, बल्कि हमारे लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का विषय है। हम इस सम्मानित सदन के माध्यम से अनुरोध करेंगे कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष किए गए वादे के अनुसार जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल किया जाए।
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भाजपा के बयानों ने मुझे आहत किया: नाइक
त्राल से विधायक रफीक नाइक ने कहा, मैं ऐसे परिवार से हूं जो 1947 से ही राष्ट्रवादी रहा है, लेकिन भाजपा सदस्यों के बयानों ने मुझे आहत किया है। हम अलग देश और पाकिस्तान में विलय की मांग नहीं कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हमारे लिए दरवाजे बंद नहीं किए हैं। हम विशेष दर्जे के लिए लड़ते रहेंगे। यह कोई अपराध नहीं है। प्रधानमंत्री किस बात का इंतजार कर रहे हैं? राज्य का दर्जा क्यों नहीं बहाल किया गया?
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एलजी और सरकार को अधिकार क्षेत्र तय करने चाहिए: तारीगामी
कुलगाम के विधायक एमवाई तारिगामी ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर मुझे इस सदन और इसके सदस्यों की शक्तियों के बारे में स्पष्टता नहीं है। हम किस विषय पर कानून बना सकते हैं, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। जहां तक शासन का सवाल है, तो भ्रम की स्थिति है। हमें नहीं पता कि इस लोकप्रिय सरकार के अधिकार क्षेत्र में क्या-क्या आता है। एलजी और लोकप्रिय सरकार को बैठकर तय करना चाहिए कि किसके अधिकार क्षेत्र में क्या-क्या आता है। एक नागरिक के तौर पर मैं कह सकता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने न्याय नहीं किया। एलजी कहते हैं मेरी सरकार। कौन सी सरकार? एलजी को पिछले पांच साल का अपना रिपोर्ट कार्ड देना चाहिए। एनएचपीसी में जम्मू-कश्मीर को 40 फीसदी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। जमीन और नौकरियों पर महाराजा हरि सिंह का 1927 का आदेश लागू होना चाहिए।
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हमें नहीं पता हमारे पास क्या शक्तियां: लोन
हंदवाड़ा से विधायक सज्जाद लोन ने कहा 2014 से अब तक बहुत कुछ हुआ है। भारत के सबसे सशक्त राज्यों में एक को केंद्र शासित प्रदेश में काट दिया गया और अनुच्छेद 370 छीन लिया गया। हमें यह भी नहीं पता कि हमारे पास या हमारे मंत्रियों के पास क्या शक्तियां हैं। यह बहुत ही कम अधिकार वाली विधानसभा है।
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वीडीजी की मौत की होनी चाहिए जांच: मलिक
डोडा से आप के विधायक महराज मलिक ने कहा. उन्होंने (भाजपा) वीडीजी को बिना प्रशिक्षण दिए हथियार दिए हैं। जो लोग मारे गए, क्या वे बंदूक चलाना जानते थे? इसकी जांच होनी चाहिए। भाजपा ने अपने चुनाव अभियान के लिए हथियार बांटे। उन्हें इस पर शर्म आनी चाहिए। ........
बनी को मिले पहाड़ी का दर्जा: रामेश्वर
बनी से विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा, मैं बनी के लिए पहाड़ी का दर्जा मांगता हूं क्योंकि लोग पहाड़ी बोलते हैं। पुंछ-राजोरी को आरक्षण मिला। क्या बनी के लोग अंग्रेजी बोलते हैं?
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ये विधानसभा कमजोर नहीं है: राजू
रामबन से विधायक अर्जुन सिंह राजू ने कहा, यह कोई कमजोर विधानसभा नहीं है। यह विधानसभा 1.5 करोड़ लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। 1947 में पाकिस्तान से आदिवासी आए और हमें लूटा और 2014 में एक और पार्टी आई और अपने स्थानीय साथियों के साथ मिलकर हमें लूटा।