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Jammu News: आधी आबादी की मुफ्त बस सवारी, आमजन की जेब पर पड़ेगी भारी

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jammu kashmir news
जम्मू। आधी आबादी को मुफ्त बस की सवारी आज (मंगलवार) से शुरू हो जाएगी।...तो दूसरी तरफ पूरी आबादी से इसके लिए वसूली भी आज से ही शुरू हो जाएगी। मुफ्त बस यात्रा से जहां सरकार के खजाने पर सालाना 60 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा, तो पेट्रोल और डीजल पर सेस के जरिये उमर अब्दुल्ला सरकार आमजन की जेब से 680 करोड़ रुपये निकाल लेगी। महिलाओं की मुफ्त की बस सवारी से मध्यवर्गीय परिवारों को जितना फायदा नहीं होगा, उससे ज्यादा उनकी जेब से जाएगा।
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. सीएम उमर अब्दुल्ला ने बजट में महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा का एलान किया था। इसके साथ की पेट्रोल और डीजल पर सेस बढ़ाने की घोषणा भी बजट में की गई थी। एक अप्रैल से प्रदेश में पेट्रोल एक रुपये, तो डीजल दो रुपये महंगा हो जाएगा। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। हर आय वर्ग के लोग वाहनों का प्रयोग करते हैं। इसमें मध्यवर्ग की संख्या कहीं ज्यादा है। बोझ सिर्फ यही नहीं बढ़ेगा। ट्रकों की माल ढुलाई का भाड़ा भी बढ़ जाएगा, जिससे महंगाई भी बढ़ेगी। यानी यहां भी आम आदमी की जेब से पैसा निकलेगा। जम्मू सहित प्रदेश में बड़ी संख्या में महिला भी यात्रा के लिए निजी वाहनों का प्रयोग करतीं हैं। पेट्रोल-डीजल के बढे दामों का असर ऐसी महिलाओं की जेब पर भी पड़ेगा।
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आंकड़ों से समझे कैसे सफाई से चलाई गई आपकी जेब पर कैंची
जम्मू-कश्मीर पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष आनन शर्मा बताते हैं कि प्रदेश में प्रतिदिन 63 लाख 60 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति होती है। सेस बढ़ने से सरकार के राजस्व में प्रतिदिन 1.90 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। यानी सालभर में करीब 680 करोड़ रुपये सरकार के खजाने में पहुंच जाएंगे।
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- परिवहन निगम और स्मार्ट सिटी के तहत जम्मू व श्रीनगर में चलने वाली ई बसों की कमाई के आंकड़ों के अनुसार इनसे सरकार को सालाना करीब 125 करोड़ रुपये की कमाई होती है। अगर बसों में यात्रा करने वाली सवारियों में आधी भी महिलाएं हों, तो भी मुफ्त यात्रा से सरकार को करीब 63 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि होगी। हालांकि जनगणना 2011 के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं की आबादी पुरुषों के अनुपात में 47 फीसदी ही है। जनगणना के आंकड़ों को दरकिनार कर 50 प्रतिशत महिलाओं की आबादी मान लें तो भी सरकार मुफ्त बस यात्रा पर जितना खर्च करेगी उसके दस गुना से भी ज्यादा सेस के जरिये आमजन की जेब से निकाल लेगी।

कामकाज में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
जम्मू विश्वविद्यालय के समाज शास्त्र विभाग की डीन प्रोफेसर विश्वरक्षा ने बताया कि सरकार के इस फैसले से सामाजिक तौर भी बदलाव आएगा। आर्थिक कारणों से जो महिलाएं सफर करने से बचतीं थीं, वे अब बाहर निकलना शुरू करेंगी। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। साथ ही साथ कामकाज में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। इसके अलावा जब सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की संख्या बढ़ेगी तो महिलाएं अपने आप को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों में भी कमी आएगी।


क्रॉस सब्सिडी का है ये तरीका
केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू के अर्थशास्त्र विभाग में प्रोफेसर अश्विनी कुमार नंदा ने बताया कि आमतौर पर सरकारें इस तरह ही योजनाओं के लिए क्रॉस सब्सिडी के जरिये धन की पूर्ति करती है। क्रॉस सब्सिडी का मतलब एक प्रकार के उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलना है, ताकि दूसरे समूह के लिए कीमतें कम की जा सकें। और आसान शब्दों में कहें तो किसी की जेब से पैसा निकालकर दूसरे की जेब में डाल देना ही क्रॉस सब्सिडी है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है।
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