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त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर की संस्कृति लोक कला व शिल्प का खजाना : एलजी
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त्रिपुरा, मणिपुर, मेद्यालय के स्थापना दिवस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार
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जम्मू। त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर भारत की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति, लोक कला और शिल्प का खजाना हैं। आज उत्तर पूर्वी राज्य देश के विकास की गाथा लिख रहे हैं। आध्यात्मिक आदर्शों और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से पूरे समाज को प्रेरित कर रहे हैं।
यह बात एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना से राजभवन में मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर हुए कार्यक्रम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कही।
उन्होंने कहा कि मेरी कामना है कि ये राज्य प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयां हासिल करते रहें। वह आने वाले वर्षों में लोगों की खुशी, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
कार्यक्रम में छात्र, सुरक्षाकर्मी और जम्मू-कश्मीर में रहने वाले त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर के लोग विशेष आमंत्रित थे। उन्होंने तीनों राज्यों की महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर पूर्वी राज्यों की सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनकारी यात्रा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि तीव्र और समावेशी विकास ने पूर्वोत्तर के लोगों की आकांक्षाओं को राष्ट्र की आकांक्षाओं से जोड़ दिया है।
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यह बात एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना से राजभवन में मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर हुए कार्यक्रम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कही।
उन्होंने कहा कि मेरी कामना है कि ये राज्य प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयां हासिल करते रहें। वह आने वाले वर्षों में लोगों की खुशी, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
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कार्यक्रम में छात्र, सुरक्षाकर्मी और जम्मू-कश्मीर में रहने वाले त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर के लोग विशेष आमंत्रित थे। उन्होंने तीनों राज्यों की महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर पूर्वी राज्यों की सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनकारी यात्रा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि तीव्र और समावेशी विकास ने पूर्वोत्तर के लोगों की आकांक्षाओं को राष्ट्र की आकांक्षाओं से जोड़ दिया है।
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