फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: बायसरन पहुंचे डीजी ने जायजा लिया कश्मीर में ही छिपे हो सकते हैं आतंकी

विज्ञापन
jammu kashmir news
श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक (डीजी) सदानंद दाते ने वीरवार को बायसरन पहुंचे और तीन घंटे तक पुलिस अफसरों के साथ घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया। इस बीच जांच अधिकारियों ने डीजी को एक सप्ताह तक हुई जांच के हर पहलू की जानकारी दी। उनके साथ एनआईए के दो आईजी, एक डीआईजी और एसएसपी रैंक के एक अधिकारी भी थे।
विज्ञापन

बता दें कि मामले की जांच कर रही एनआईए की टीम करीब 200 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। जांच एजेंसी बायसरन की 3 डी मैपिंग भी कर रही है, जिससे आतंकियों की एंट्री और एग्जिट पॉइंट की पुख्ता जानकारी मिल सके। आतंकियों के एस्केप रूट की जानकारी भी मिलेगी। इसके लिए एक विशेष टीम बुधवार को हाईटेक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची थी।
विज्ञापन

----
अब तक ये हुआ
बायसरन में आतंकी हमला 22 अप्रैल को हुआ था। इसके बाद पिछले दिनों खुफिया एजेंसियों ने प्रदेश में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकवादियों की सूची तैयार की थी। 20 से 40 वर्ष की आयु के ये लोग पाकिस्तान से विदेशी आतंकवादियों को रसद और जमीनी स्तर पर सहायता प्रदान कर रहे हैं। इनमें से तीन हिजबुल मुजाहिदीन से, आठ एलईटी से और तीन जेईएम से जुड़े हैं। इन व्यक्तियों के नाम आदिल रहमान डेन्टू (21), आसिफ अहमद शेख (28), अहसान अहमद शेख (23), हारिस नजीर (20), आमिर नजीर वानी (20), यावर अहमद भट, आसिफ अहमद खांडे (24), नसीर अहमद वानी (21), शाहिद अहमद कुटे (27), आमिर अहमद डार, अदनान सफी डार, जुबैर अहमद वानी (39), हारून रशीद गनई (32) और जाकिर अहमद गनी (29) हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
घाटी में 100 से अधिक जगहों पर हो चुकी है छापेमारी
घटना के बाद आतंकियों और इनके मददगारों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर में, खासकर अनंतनाग और पुलवामा जिलों में समन्वित अभियान शुरू किया है। जम्मू-कश्मीर में हुर्रियत के विभिन्न धड़ों और जमात-ए-इस्लामी समर्थकों और ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) नेटवर्क से जुड़े कई लोगों के घरों पर छापे मार चुकी है। कुपवाड़ा, हंदवाड़ा, अनंतनाग, त्राल, पुलवामा, सोपोर, बारामुला और बांदीपोरा में 100 से अधिक स्थानों पर छापे मारे गए। श्रीनगर में भी करीब 100 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इस दौरान बड़ी मात्रा में राष्ट्र-विरोधी सामग्री बरामद हुए थे, जिससे संकेत मिलता है कि प्रतिबंधित होने के बावजूद इन संगठनों ने हमलावरों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर्स का नेटवर्क बनाने में मदद की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed